Bareilly News: हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर छह लाख ठगे
बरेली। बेरोजगार युवक की हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा देकर वकील और रिटायर्ड दरोगा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर छह लाख रुपये हड़प लिए। युवक के पिता की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बारादरी थाने के लक्ष्मी नगर निवासी जंगबहादुर सिंह ने बताया कि सुभाषनगर के गंगानगर निवासी रिटायर्ड दरोगा रामेश्वर दयाल उनको कचहरी में मिले और हालचाल पूछने लगे। उन्होंने दरोगा को बताया कि उनका बेटा स्नातक कर चुका है और बेरोजगार है। रिटायर्ड दरोगा ने बताया कि रजिस्ट्री दफ्तर के सामने एडवोकेट हरिओम पाराशरी बैठते हैं। उनकी हाईकोर्ट में अच्छी सेटिंग है, उनके जरिये बेटे की हाईकोर्ट में नौकरी लगवा देंगे।
दरोगा ने बताया कि वकील उनके चार बेटों और खुद के दो बेटों की नौकरी लगवा चुका है। दरोगा ने 20 लाख रुपये खर्च करने पर हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। जंगबहादुर ने बीस लाख रुपये देने से मना किया तो दरोगा ने कहा कि आधे रुपये अभी दे दो और बाकी नियुक्ति होने के बाद दे देना। दरोगा रामेश्वर दयाल जंगबहादुर को हरिओम पाराशरी के चैंबर में ले गया। वहां वकील ने मोबाइल में सलेक्शन की फर्जी लिस्ट दिखाई और अपने बेटे राहुल, देशदीपक को बुलाया। दरोगा ने अपने बेटे प्रद्युम्न, रमन, रतन और सुमित को बुलाया। सभी लड़कों ने नौकरी लगने की बात कही तो उन्हें वकील और दरोगा की बात पर विश्वास हो गया। वकील और दरोगा ने मिलकर जंगबहादुर और उनके बेटे से धीरे-धीरे छह लाख रुपये ले लिए। जंगबहादुर को ठगी का अहसास तब हुआ, जब दरोगा और वकील का एक साथी प्रयागराज में गिरफ्तार हुआ। उसकी गिरफ्तारी के बाद वकील हरिओम पाराशरी और दरोगा रामेश्वर दयाल कई दिन तक गायब रहे। जंगबहादुर रामेश्वर के घर गए तो एक दिन वह मिल गया और बोला तुम्हारे रुपये लौटा देंगे। कुछ दिन बीतने पर आरोपी टालमटोल करने लगे। जंगबहादुर ने एसएसपी से शिकायत की तो सुभाषनगर थाने में रिटायर्ड दरोगा रामेश्वर दयाल, वकील हरिओम पाराशरी, राहुल पाराशरी, देशदीपक पाराशरी, प्रद्युम्न, सुमित, रतन और रमन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।



