Bareilly News: जमीन अधिग्रहण में सुस्ती, पीलीभीत में भूमि अध्यापित अधिकारी बदला
बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में सुस्ती का भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने संज्ञान लिया है। पीलीभीत के डीएम की संस्तुति पर विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी वहीं के नगर मजिस्ट्रेट को नामित किया गया है। बरेली और पीलीभीत के लिए अब तक यह जिम्मेदारी बरेली के एडीएम न्यायिक आशीष कुमार देख रहे थे।
पिछले दिनों लखनऊ में समीक्षा के दौरान भूमि अधिग्रहण के काम की गति काफी धीमी पाई गई थी। इस दौरान पीलीभीत के लिए दूसरा भूमि अध्यापित अधिकारी नामित करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को पीलीभीत में भूमि अध्यापित अधिकारी के रूप में वहां के सिटी मजिस्ट्रेट को नामित कर दिया गया। अब बरेली और पीलीभीत में अलग-अलग अधिकारी होने से भूमि अधिग्रहण में तेजी आएगी।
तीन जिलों में सबसे ज्यादा पिछड़ा ऊधमसिंह नगर
हाईवे चौड़ीकरण के लिए बरेली, पीलीभीत और उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में भूमि अधिग्रहण होना है। इस मामले में सबसे ज्यादा खराब स्थिति ऊधमसिंह नगर की है। भूमि अधिग्रहण के लिए यहां मिले 98 करोड़ में दो करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। बरेली में भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को 178 करोड़ का भुगतान होना था। यहां भी नौ महीने में 58 करोड़ ही खर्च हो सके हैं। पीलीभीत में 198 करोड़ के स्थान पर अब तक 50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी के लिए पीलीभीत में अलग से भूमि अध्यापित अधिकारी नामित किया गया है। ऊधमसिंह नगर में भूमि अधिग्रहण की गति बेहद धीमी है। इस संबंध में ऊधमसिंह नगर के डीएम से बात की गई है। -बीपी पाठक, परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण


