Bareilly News: गर्मी के तेवर ठंडे, जनता का पारा चढ़ा
बरेली। लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने गर्मी के तेवर ठंडे कर दिए हैं। पिछले 12 वर्षों में सितंबर के शुरुआती 10 दिनों में इतनी बारिश नहीं हुई। इसके उलट, फिसलन और गड्ढों भरी सड़कों पर चलने से जनता का पारा चढ़ गया है। पानी से लबालब ऊबड़-खाबड़ सड़क पर डगमगाते ही राहगीर व्यवस्था को कोसते दिखे। रविवार को दिनभर जगह-जगह ऐसे हालात देखने को मिले। जलभराव में गड्ढे का अंदाजा न लगने से न सिर्फ बाइक सवार और ई-रिक्शा पलटे, बल्कि खोदाई वाले स्थानों पर जमीन धंसने से कार, लोडर, ट्रक और बसों के पहिये फंस गए। सेटेलाइट से पीलीभीत बाइपास मार्ग, संजयनगर, हजियापुर, दुर्गानगर, बदायूं रोड की हालत सबसे ज्यादा खराब है। साफ-सुथरे रास्ते की तलाश में लोग गलियों से होकर गुजरे। जलभराव और गड्ढों से बचने के लिए लोगों ने आवागमन के अपने परंपरागत रास्ते भी बदल लिए।
ये रहे हालात
सुभाष नगर: चौपुला पुल से सुभाषनगर का मार्ग एक वर्ष से खस्ताहाल है। जल निगम और लोक निर्माण विभाग एक दूसरे पर टालते रहे हैं। सर्विस रोड का निर्माण नहीं कराया गया। अब बारिश से जलभराव हुआ तो जान जोखिम में डालकर लोग निकल पाए।
संजय नगर: बजरंग ढाबा से स्टेडियम रोड को जोड़ने वाले संजय नगर के मुख्य मार्ग की हालत एक वर्ष से भी अधिक समय खराब है। एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित है। जान जोखिम में डालकर लोगों को निकलना पड़ा।
बदायूं रोड: पेट्रोल पंप के सामने जलभराव हो गया। कोई वाहन गुजरता था तब मार्ग पर पैदल चल रहे लोगों को मुश्किल होती है। कई स्थानों पर जल निगम ने सीवर लाइन की खोदाई कराई थी। अभी तक गड्ढों को भरकर सड़क को पहले की तरह ठीक नहीं किया है।
चिराग तले अंधेरा: जो सड़कें बनाते हैं, उनके कार्यालय और आवासीय परिसर में तीन महीने पहले जल निगम ने सीवर लाइन डालने के लिए खोदाई कराई थी। सीवर लाइन बिछ गई पर सड़क ठीक नहीं की। आने जाने वाले लोग गिरकर चोट खाते हैं।
कोट
संजय नगर मार्ग के लिए टेंडर हो चुका है। बारिश के बाद निर्माण होगा। जलभराव से बचाव के लिए एक पुलिया भी बनवाई जाएगी।
-अजीत प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त



