Bareilly News: बच्चों पर दरिंदों की नजर, अभिभावक बेखबर
बरेली। हाल ही में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं। कुछ दिन पहले फरीदपुर में बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश के आरोपी बुजुर्ग ने गिरफ्तारी के डर से फंदा लगाकर जान दे दी थी। कई मामलों में अभिभावक अपने बच्चों की बातों पर ध्यान नहीं देते तो कई बार बच्चों की परेशानी के लक्षणों को भांप नहीं पाते। मनोवैज्ञानिकों के पास इस तरह के मामले बढ़े हैं। वह परिजनों को निगरानी की सलाह दे रहे हैं।
केस वन
ट्यूशन टीचर ने दिया जिंदगी भर का जख्म
एक मामले में 27 साल की युवती की काउंसलिंग हो रही है। युवती के मुताबिक बचपन में एक ट्यूशन टीचर ने कई साल तक उसका शारीरिक शोषण किया। उसने मां को कई बार बताने की कोशिश की पर मां ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा ये हुआ कि युवती अवसाद में चली गई। अभी तक वह मानसिक स्वास्थ्य की दवाएं खा रही है।
केस टू
चाचा ही करता रहा बच्ची का शोषण
इन दिनों 12 साल की बच्ची के साथ ही उसकी मां की भी काउंसलिंग की जा रही है। मां को आघात लगा है कि उनका देवर कई साल से उनकी बेटी के साथ गलत हरकतें कर रहा था। बेटी ने कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की पर परिवार के इस शख्स की छवि सबकी नजर में बेहद साफ थी। अब जब उन्होंने खुद अपनी आंखों से देवर की करतूत देखी तो अपना परिवार अलग बसा लिया है। हालांकि पारिवारिक कार्यक्रमों में आरोपी का चेहरा नजरों के आगे घूमता है।
फोटो- अनुग्रह एडमंड
बच्चों को गुड टच-बैड टच की दें जानकारी
आपके बच्चे का उदास चेहरा या बदला हुआ अंदाज कई बातें बताता है। माता-पिता को इन्हें भांपना चाहिए। कई बार बच्चे अपने साथ हुई हरकतों को खुद ही नहीं समझ पाते तो कभी समझने के बाद भी परिजनों को नहीं बता पाते। इसलिए ज्यादा जिम्मेदारी मांता-पिता की है। बच्चों की बात पर यकीन जरूर करें और उसकी हकीकत पता करने की कोशिश करें। बच्चों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी निभाएं। – अनुग्रह एडमंड, मनोवैज्ञानिक, सैन्य अस्पताल



