Bareilly News: आबिद पर किसका आशीर्वाद… दो दर्जन मुकदमे सिर पर फिर भी आजाद
बरेली। विकास दुबे और अतीक अहमद जैसे माफिया एक ही दिन में नहीं बनते। सिस्टम ही इन्हें बनाने के लिए कसूरवार है। बाद में यही सिस्टम के लिए नासूर बन जाते हैं। हालिया मामला सीबीगंज इलाके के अटरिया निवासी आबिद अली का है। दो दर्जन मुकदमे दर्ज होने के बाद भी वह आजाद घूम रहा है। उसके उत्पीड़न के शिकार लोगों ने एक नेता के साथ जाकर आईजी और कप्तान से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वह अकेले थाने जाते हैं तो पुलिस उन्हीं पर कार्रवाई कर देती है।
आबिद अली सीबीगंज थाने का पुराना हिस्ट्रीशीटर है। उसका हिस्ट्रीशीट नंबर 123 है। सीबीगंज थाने में उसके खिलाफ 11 मुकदमों की सूची है। चार मुकदमे फरीदपुर थाने में दर्ज हैं। संभल जिले के रजपुरा थाने के साथ ही उत्तराखंड के रुद्रपुर, काशीपुर और हल्द्वानी कोतवाली में भी आबिद के खिलाफ मुकदमे हैं। कोई भी मुकदमा सामान्य धारा में या राजनीति प्रेरित नहीं है। उस पर लूट, डकैती, जान से मारने की धमकी, गुंडा एक्ट, धोखाधड़ी और गबन जैसी धाराएं लगाई गई हैं। बावजूद इसके कई बरसों से आबिद ने जेल का मुंह नहीं देखा है।
आबिद के सताए लोग अब लामबंद होने लगे हैं। उन्होंने आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह से आबिद की शिकायत की है। पूछा है कि दो दर्जन से ज्यादा गंभीर धाराओं के मुकदमे होने के बाद भी गिरफ्तारी या जिला बदर जैसी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है?
मुस्लिम समाज के लोग ही ज्यादा परेशान, कर रहे शिकायतें
आबिद के क्रियाकलापों से मुस्लिम समाज खासतौर से उसके गांव और आसपास के लोग ज्यादा परेशान हैं। एक नेता के साथ शिकायत करने वालों में अटरिया निवासी शौकत अली, अली अहमद, जुनैद, गौस मोहम्मद, इकबाल, सर्वोदय नगर का वसीम अकरम, जौहरपुर के साजिद अली और बंडिया के इलियास अंसारी शामिल हैं। इनमें से कुछ की रकम आबिद ने हड़प ली है। कुछ को वह निजी कारणों से परेशान कर रहा है।
करोड़ों की संपत्ति बनाई
आबिद पर आरोप है कि उसने लोगों से वसूली करके और तमाम तरीकों से अकूत संपत्ति बनाई है। परिवार के लोगों को धर्मस्थलों की अवैध तरीके से देखरेख में सेट कर दिया है। इलाके में हो रही पशु तस्करी से लेकर जुआ और सट्टा तक के धंधे में उसका दखल है। यहां से की गई कमाई को अफसरों तक पहुंचाने का काम भी वही कर रहा है।
थाने की दलाली के आरोप, किसान ने दी तहरीर
ग्रामीण सरबन एक शिकायत लेकर काफी समय से भटक रहे हैं। जांच जारी होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। सरबन के मुताबिक, छह माह पहले उसके भाई रामजी का ट्रैक्टर पुलिस ने एक्सीडेंट की बात बताकर थाने में खड़ा कर लिया। तब वह लोग काफी परेशान थे। आबिद ने उन्हें रास्ते में रोककर बताया कि उनके ट्रैक्टर की जगह एक्सीडेंट में दूसरा ट्रैक्टर दिखा दिया जाएगा। पुलिस अधिकारी से उसकी बात हो गई है। उससे एक लाख रुपये मांगे गए हैं। सरबन ने आबिद को एक लाख रुपये दे दिए। बाद में बहाने से और रकम मांगी गई तो 50,000 रुपये फिर दे दिए। डेढ़ लाख रुपये खर्च करने के बाद भी उसका काम नहीं हो सका। रुपये वापस मांगने पर आबिद धमकाता है। वह कहता है कि यह रकम थाने से ट्रांसफर हुए अधिकारी साथ ले गए हैं।
वर्जन
सीबीगंज के कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि आबिद नाम के हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ कई मुकदमे होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। इस मामले में कार्रवाई कराई जाएगी। एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. राकेश कुमार सिंह, आईजी रेंज बरेली



