Budaun News: राजकीय पुस्तकालय में नहीं आ रहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें

राजकीय पुस्तकालय में टूटी पड़ी कुर्सी। संवाद
बदायूं। प्रतिस्पर्धा के दौर में शहर में बना राजकीय जिला पुस्तकालय केवल उपन्यास व धार्मिक ज्ञान ही उपलब्ध करा पा रहा है। वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए जरूरी पुस्तकों का टोटा है। पिछले दो सालों से ज्यादा समय से कोई भी किताबें नहीं आई हैं। और तो और यहां पर आने वालों को पेयजल तक की सुविधा नहीं है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पीछे स्थित राजकीय जिला पुस्तकालय 20 वर्ष से अधिक समय से चल रहा है। इसका संचालन सुबह 10 बजे शाम पांच बजे तक किया जाता है। शासन द्वारा पुस्तकालय की स्थापना इस उद्देश्य से कराई गई है कि बच्चों, पाठकों व प्रतियोगी परीक्षाओें की तैयारी कर रही युवाओं को रुचि के अनुसार पठन पाठन सामग्री उपलब्ध हो सके, लेकिन यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कोई सुविधा नहीं है। मौजूदा समय में यहां उपन्यास, ग्रंथ, मैगजीन और कुछ पुरानी कंपटीशन की किताबें आदि उपलब्ध हैं। ऐसे में युवा अपने साथ में किताबों को लेकर आ रहे हैं, लेकिन उनको यहां पर बैठने तक के लिए ठीक से कुर्सी नहीं मिल पा रही है, साथ ही नल और टंकी भी खराब पड़ी है।
लगातार आने वालों की गिर रही संख्या : इस साल की शुरुआत में कुछ माह तक तो युवाओं की संख्या 30 तक थी, लेकिन जैसे-जैसे समय निकलता गया वैसे-वैसे आने वालों की संख्या अब गिरने लगी है। अब हर माह औसतन 15 से 20 युवा ही आ रहे हैं, जबकि पुस्तकालय के पास जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, बेसिक शिक्षा विभाग, पुलिस लाइन कॉलोनी व अन्य कॉलोनी स्थित है।
कई सालों से चल रहा पुस्तकालय अध्यक्ष का पद रिक्त : पिछले तीन-चार सालों से पुस्तकालय अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा है, वर्तमान में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात लिपिक राजेंद्र कुमार को प्रभारी पुस्तकालय अध्यक्ष बनाया गया है। उनका कहना है कि जब से चार्ज संभाला है तब से एक ही भी किताब प्रतियोगी परीक्षाओं की नहीं आयी है।