Budaun News: बेनामी संपत्तियां खरीदने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार
बदायूं। सहसवान में बेनामी संपत्तियां खरीदने और करोड़ों रुपये का घोटाला करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ डीएम के निर्देश पर एडीएम एफआर ने आरोप पत्र तैयार कर लिए हैं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रमुख सचिव ने खबर का हवाला देते हुए डीएम को निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। अब दोषियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सहसवान तहसील के शहवाजपुर में कुछ साल पहले लाखों रुपये में जमीन खरीदकर करोड़ों रुपये में बेच दिया गया था। फर्जी कागजों के आधार पर खुर्दबुर्द की गई इस जमीन में लाखों की टैक्स चोरी भी की गई। इसमें सहसवान के तत्कालीन तहसीलदार धीरेंद्र कुमार, एसडीएम के तत्कालीन स्टेनो आशीष सक्सेना, पेशकार कृष्ण कुमार समेत कई कर्मचारियों के नाम भी सामने आए। शिकायत होने पर इसकी जांच की गई तो उसमें इनको दोषी पाया गया, लेकिन अधिकारियों के स्थानांतरण होने के साथ ही मामला दब गया।
कुछ समय पहले अमर उजाला ने घपलेबाजी को उजागर किया तो डीएम मनोज कुमार ने पुरानी फाइलें निकलवा लीं। बताते हैं कि एक बार तो इन कर्मचारियों ने किसी तरीके से मनमानी रिपोर्ट लगवाकर डीएम को फाइलें प्रेषित भी करा दी थीं, लेकिन डीएम इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने फाइलें दोबारा सही तरीके से जांच करने के लिए लौटा दीं थीं। उसके बाद मामला फिर लंबित हो गया। अमर उजाला ने एक बार फिर इस फर्जीवाड़े की तरफ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए खबर प्रकाशित की, जिस पर प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने डीएम को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। शासन के संज्ञान में मामला आने के बाद डीएम ने तत्कालीन तहसीलदार धीरेंद्र कुमार, तत्कालीन स्टेनो आशीष सक्सेना और पेशकार कृष्ण कुमार के खिलाफ कई आरोपों में अनुशासनिक कार्रवाई की संस्थित की थी। तहसीलदार के खिलाफ जहां राजस्व परिषद के सचिव को पत्र लिखा गया वहीं कर्मचारियों के लिए एडीएम एफआर राकेश कुमार पटेल को आरोप पत्र गठित करने के निर्देश दिए, जिसके बाद आरोप पत्र तैयार कर लिया गया गया है।
डीएम ने इन बिंदुओं को किया शामिल : डीएम ने एसडीएम के तत्कालीन स्टेनो आशीष सक्सेना के खिलाफ शासकीय कामों की गोपनीयता भंग करने, शहवाजपुर में मुख्य मार्ग के किनारे करीब 35 बीघा जमीन तथा दूसरी 25 बीघा जमीन खरीदने, पट्टीयकीन मुहम्मद स्थित जमीन पर प्लाटिंग कराने, असामाजिक तत्वों को अपने कार्यालय में बुलाने समेत कई गंभीर आरोप तय किए हैं, जबकि तत्कालीन पेशकार कृष्णकुमार पर कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने और कागजों में हेरफेर करने समेत कई बिंदु शामिल हैं।
कर्मचारी बोला- अब कोर्ट में होगी मुलाकात: डीएम द्वारा जांच बैठाने के बाद भी वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से संबंद्ध आशीष सक्सेना के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनका पक्ष जानने के लिए जब उन्हें फोन किया गया तो उन्होंने कोर्ट में देखने की धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि अब कोर्ट में ही मुलाकात होगी। इधर, दूसरे कर्मचारी कृष्णकुमार ने खुद को निर्दाेष बताते हुए कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। इस समय प्रतापगढ़ तहसील में कार्यरत तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने जानकारी होने से इन्कार किया।
एडीएम एफआर राकेश कुमार पटेल ने बताया कि डीएम द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई संस्थित करते हुए आरोप पत्र गठित करने के निर्देश मिले थे। दोनों कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर लिया गया है। अभी कुछ दिन का अवकाश है। इसके बाद इन्हें डीएम को भेजेंगे।