बदायूं

Budaun News: श्रद्धालुओं ने किया भोलेनाथ का जलाभिषेक

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Devotees performed Jalabhishek of Bholenath

कछला से कांवर सजाकर लाते कांवडिये। संवाद

शिवालयों में गूंजे घंटे-घड़ियाल, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। सोमवार को शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शिवालय भगवान शिव के जयकारों से गूंजते रहे। सुबह होके ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। शाम को मंदिरों में भजन-कीर्तन के साथ आरती हुई। इस दौरान बिरुआबाड़ी, हर प्रसाद शिवालयों में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

सातवें सोमवार को व्रत रखने वाली महिलाओं व युवतियों के साथ काफी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये सुबह पूजा के लिए फूल और बेलपत्र लेकर मंदिरों में पहुंचे। मंडी समिति के पास स्थित गौरी शंकर मंदिर में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दूर-दूर से आए कांवड़ियों ने भोलेनाथ का अभिषेक किया। कछला से पैदल पहुंचकर कांवड़ियों ने भोले बाबा के दर्शन कर जलाभिषेक किया। इसके साथ ही लोगाें ने माता पार्वती, भगवान गणेश और नंदी की भी पूजा की। साथ ही अपने परिवार के लिए मनौतियां मानी।

श्रद्धा से मनाई नागपंचमी

बदायूं। नागपंचमी पर श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे और शिवलिंग पर दूध चढ़ाकर पूजा की और परिवार की खुशहाली की कामना की। इस दौरान भगवान शिव के साथ नागों को भी पूजा की।

शहर के बिरुआबाड़ी, गौरीशंकर, हरप्रसाद मंदिरों के अलावा विभिन्न शिवालयों में दूध के पात्र लेकर श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। दूध, धतूरा, बेलपत्र चढ़ाकर भगवान शिव के साथ नाग देवता की भी पूजा अर्चना की। वहीं देहात क्षेत्रों में परंपरागत तरीके से कुछ श्रद्धालुओं ने नाग की आकृतियां बनाकर घरों में ही पूजा अर्चना की। संवाद

कांवड़ियों ने आस्था की डुबकी लगाकर शुरू की कांवड़ यात्रा

उझानी/कछला। शिव मंदिरों में जलाभिषेक से पहले रविवार पूरी रात गंगाघाट आस्था से सराबोर रहा। हाईवे पर भोले के जयकारे गूंजते रहे।

कछला गंगाघाट पर रविवार शाम से ही शिवभक्तों की टोलियों के पहुंचने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह सोमवार सुबह तक चलता रहा। शिवभक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई, फिर कांवड़ पूजन किया। पुरोहितों ने मंत्रोच्चार किया। कांवड़िये गंगाघाट से निकले तो बरेली मधुरा हाईवे भोले के जयकारों से गूंज उठा। संवाद

कछला से कांवर सजाकर लाते कांवडिये। संवाद

कछला से कांवर सजाकर लाते कांवडिये। संवाद

कछला से कांवर सजाकर लाते कांवडिये। संवाद

कछला से कांवर सजाकर लाते कांवडिये। संवाद


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