Budaun News: निजी विद्यालयों से मोह हुआ भंग, सरकारी में बढ़ी संख्या
बदायूं। जिले में पिछले वर्ष की अपेक्षा राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जबकि निजी विद्यालयों से छात्र-छात्राओं का मोह भंग होता जा रहा है। समरेर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में सबसे ज्यादा छात्राओं की संख्या बढ़ी थी।
निजी स्कूलों की चकाचौंध से न सिर्फ छात्र-छत्राओं, बल्कि अभिभावकों की दिलचस्पी भी कम होने लगी है। अभिभावकों का मानना है कि निजी विद्यालयों की ओर से किसी ने किसी बहाने अभिभावकों की जेब ढीली की जाती है। निजी विद्यालय की फीस तो महंगी है ही, साथ ही ड्रेस से लेकर कॉपी-कितायों में कमीशन खेल भी किसी से छिपा नहीं है।
ऐसे में छात्र-छात्राओं का रुख सरकारी विद्यालयों की हो रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की संख्या 877 है। इनमें पिछले वर्ष 1,33,698 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इसके सापेक्ष अब 95,911 छात्र-छात्राएं स्कूल ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए हैं।
वहीं जिले में 2155 परिषदीय स्कूल है, जिनमें पिछले वर्ष 3,43,745 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इसके सापेक्ष अब 3,44,770 छात्र-छात्राओं का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया गया है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के 35 राजकीय विद्यालयों में पिछले वर्ष 9,028 पंजीकृत थे, जो इस बार बढ़कर 9,466 हो गए हैं। 41 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में 45,716 थे, जो इस बढ़कर 47,576 संख्या हो गई है। 218 मान्यता प्राप्त निजी माध्यमिक विद्यालय में गत वर्ष 1,08,078 विद्यार्थी थे, जो अब 1,05,904 ही हैं।
सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं सरकार के माध्यम से बेहतर पढ़ाई कराई जा रही है। साथ ही शासन के द्वारा छात्र हित में जो सुविधाएं होती है, उनका लाभ दिया जा रहा है। यही वजह हैं, सरकारी स्कूलों की तरफ छात्राओं की रुचि बढ़ी है। -डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस


