Budaun News: दावों में सब सही, हकीकत में बदहाल गांवों की तस्वीरें
बदायूं। देहात क्षेत्र के लोगों को शुद्ध जलापूर्ति कराने के लिए हर घर नल से जल योजना के तहत जिले के 857 राजस्व गांवों में करीब डेढ़ साल पहले काम शुरू करा दिया गया था। कई ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक का कार्य चल रहा है तो कुछ गांवों में कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन सच्चाई उसके विपरीत नजर आ रही है। जिन गांवों में कार्य पूरा कर जलापूर्ति घरों तक देने का दावा किया जा रहा है। वहां के लोगाें का कहना है कि मात्र परीक्षण के लिए सबमर्सिबल के जरिए पानी सुचारू किया गया था जो अब नहीं मिल रहा है।
जिले के 1444 राजस्व ग्रामों में से 857 गांव में पीएनसी कार्यदायी संस्था द्वारा शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम किया गया। योजना के तहत 4.19 लाख लोगाें को पेयजल कनेक्शन दिए जाने थे, जिनमें से 3.24 लाख लोगों के घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं। साथ ही अन्य लोगाें को कनेक्शन देने की प्रक्रिया चल रही है। इस कार्य की निगरानी कर रहे जल निगम का दावा है कि योजना के तहत 857 ओवरहेड टैंक का निर्माण होना है, जिसमें से 729 का काम तेजी से चल रहा है।
68 ओवरहेड टैंक समेत कई गांवों में नलकूप बनकर तैयार हो गए हैं, जिनके माध्यम से गांवों में सुबह-शाम पानी की सप्लाई दी जा रही है। जल निगम के वजीरगंज ब्लॉक को देख रहे जेई परविंदर कुमार की मानें तो अगेई, कटगांव, कसेर पनौटा, पेपल, सोई, सिसइया, बरौर अमानुल्लापुर आदि गांवों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई की जा रही है, जबकि स्थिति इसके उलट है। अमर उजाला की टीम ने विभाग के दावों की पड़ताल की तो हकीकत कुछ और बयां करती नजर आई।

कैलाश।

कैलाश।

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