Budaun News: योगी मंत्रिमंडल का विस्तार… जिले को लालबत्ती मिलने के कम हैं आसार
बदायूं। योगी मंत्रिमंडल का विस्तार दिवाली से पहले होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जिले के हिस्से में लालबत्ती आएगी या नहीं, या फिर आई तो कौन इसका हकदार होगा, यह बाद की बातें हैं, फिलहाल हालात को देखते हुए इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं। इसके पीछे पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक होना बताया जा रहा है। जातीय गणित भी मुफीद नहीं बैठ रहा।
इस समय जिले में पार्टी के तीन विधायक हैं। पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक के बेटे बागीश पाठक एमएलसी हैं। योगी सरकार 1.0 के दूसरे विस्तार में सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता को नगर विकास मंत्री बनाया गया था, लेकिन 2022 में दूसरी बार सरकार बनने पर जिले के किसी भी नेता को लालबत्ती नहीं मिल पाई। हालांकि इसके लिए प्रयास सभी ने किए थे। इसके पीछे 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी नेताओं का प्रदर्शन अपेक्षानुरूप न होना माना गया था।
साल 2017 में जहां छह विधानसभा सीटों में से पांच पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी, वहीं 2022 में यह संख्या घटकर तीन रह गई। तीन सीटों पर सपा ने न सिर्फ सहसवान सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा, वहीं शेखूपुर और बिसौली सीट भाजपा से छीन ली। यही वजह रही कि यहां से किसी को पहले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। पार्टी की गुटबंदी भी समय-समय पर हाईकमान के सामने आती रही है। मंत्रिमंडल विस्तार में जिले को तबज्जो न मिलने के अंदेशे की वजह भी यही है।
हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट के बाद ही नेताओं ने लखनऊ दिल्ली में बड़े नेताओं की परिक्रमा करना शुरू कर दिया था। सभी अपने तरीके से मंत्री पद पाने की कोशिश में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस समय ज्यादातर दावेदार लखनऊ में हैं। हालांकि किसके समीकरण बैठते हैँ, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
ये थी साल 2017 की स्थिति
विधानसभा
बदायूं
बिल्सी- आरके शर्मा
बिसौली- कुशाग्र सागर
दातागंज
शेखूपुर
सहसवान
ये जीते साल 2022 में-
बदायूं
बिल्सी
दातागंज
शेखूपुर
सहसवान
बिसौली
पहले ही साध रखीं हैं सभी जातियां
चुनाव में प्रदर्शन की कसौटी को यदि दरकिनार भी कर दें तो जाति का गणित भी फेल होता दिखाई दे रहा है। उझानी निवासी बीएल वर्मा केंद्रीय मंत्री हैं, ऐसे में प्रदेश मंत्रिमंडल में यहां से किसी के शामिल होने की संभावना कम ही दिख रही है। सदर विधायक वैश्य बिरादरी, दातागंज विधायक ठाकुर बिरादरी, बिल्सी विधायक मौर्य-शाक्य बिरादरी और एमएलसी ब्राह्मण वर्ग से हैं। मौजूदा मंत्रिमंडल में ठाकुर मंत्रियों की संख्या भी खासी है। ब्राह्मण बिरादरी से कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद जाना पहचाना चेहरा हैं। मौर्य बिरादरी का भी सरकार में खासा दखल है। जिले में दुर्विजय शाक्य को ब्रज क्षेत्र का अध्यक्ष बनाकर पहले ही इस बिरादरी को साध लिया गया है। सांसद संघमित्रा मौर्य भी इसी बिरादरी से हैं। ऐसे में जिले के किसी नेता को लालबत्ती देकर जाति के समीकरण बैठाने का गणित भी फेल होता दिख रहा है।