Budaun News: बिना टमाटर रसायनों से सॉस बनाने की फैक्टरी पकड़ी, जांच को भेजे चार नमूने

उझानी मेंै फैक्ट्री में केमिकल से बनी चिली सॉस देखते खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसर। संवाद
उझानी। बिना टमाटर और मिर्च के मक्का के आटे में घातक रसायन मिलाकर नकली चिली और टोमेटो सॉस बनाने की फैक्टरी का खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने भंडाफोड़ किया है। मौके से करीब 500 लीटर सॉस बरामद हुई। सहायक आयुक्त सीएल यादव के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू होने से पहले ही फैक्टरी मालिक भाग गया। टीम ने चिली और टोमेटो सॉस के चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
खाद्य एवं औषधि विभाग की चार सदस्यीय टीम ने चिली और टोमेटो सॉस की मोहल्ला बहादुरगंज स्थित फैक्टरी में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे छापा मारा। गायत्री फूड्स के नाम से पंजीकृत फैक्टरी के बारे में सहायक आयुक्त यादव ने बताया कि चिली और टोमेटो सॉस बनाने के लिए टमाटर समेत जिन सब्जियों का इस्तेमाल होता है, उनमें से कुछ भी मौके पर नहीं मिला।
फैक्टरी के अंदर तीन भगौनों में करीब चार सौ लीटर टोमेटो और एक भगौना में करीब सौ लीटर चिली सॉस मिली है। मौके से चिली और टोमेटो सॉस बनाने में इस्तेमाल हो रहा मक्का का आटा, अरारोट, सोडियम, हरा और लाल रंग, सैक्रीन और लिसलिसा गोंद जैसे पदार्थ मिला है। दोनों सॉस के चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
टीम ने फैक्टरी में मिले श्रमिक सहसवान निवासी जीवालाल से भी जानकारी की। उसने टीम को बताया कि दोनों तरह की सॉस में केमिकल मिलाए जाते हैं। बताते हैं कि कार्रवाई शुरू होने से पहले ही फैक्टरी संचालक मौके से खिसक गया। उसके छोटे भाई ने अफसरों को पंजीकरण लेटर भी दिखाया, लेकिन वह 22 नवंबर तक ही वैध था। टीम ने भगौनों में भरी मिली सॉस को नष्ट करा दिया।
बरेली, अलीगढ़, आगरा समेत कई जिलों में होती है सप्लाई
केमिकल से बन रही चिली और टोमेटो सॉस की अलीगढ़, आगरा और बरेली मंडल के जिलों और कस्बों में सप्लाई की जाती है। शादी-समारोहों के लिए हलवाई भी थोक में सॉस खरीदकर ले जाते हैं। मौके से बरामद सॉस की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई गई है।
पैरोकारों से अफसरों को फोन कराता रहा फैक्टरी मालिक
टोमेटो और चिली सॉस की फैक्टरी पर कार्रवाई से पहले खिसके उसके संचालक ने अपने पैरोकारों से अफसरों को फोन भी कराए और किसी भी तरह मामला निपटाने का दबाव बनाया, लेकिन बात नहीं बनी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धनंजय ने बताया कि कार्रवाई से बचने के लिए अक्सर लोग ऐसा करते हैं।
मशीनें और केमिकल अंदर रखवाकर कमरा सील कराया
केमिकल युक्त चिली और टोमेटो सॉस को नष्ट कराने से पहले खाद्य एवं औषधि विभाग के सहायक आयुक्त सीएल यादव ने मशीनों समेत मौके पर मिले केमिकल को फैक्टरी परिसर के ही एक कमरे में रखवा दिया। इसके बाद कमरे के दरवाजे पर ताला डालकर सील कर दिया। यादव ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
पेट के लिए बेहद घातक हैं सॉस में मिलाए जा रहे रसायन
खाद्य विभाग की टीम के छापे में पकड़ी गई नकली सॉस को बनाने में मक्का का आटा, अरारोट, सोडियम, हरा और लाल रंग के अलावा सैक्रीन समेत एक गोंद जैसा पदार्थ इस्तेमाल होता पाया गया। सहायक आयुक्त के अनुसार, इनके सैंपल जांच को भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इन पदार्थों के बारे में पता चलेगा। हालांकि इस प्रकार के सॉस का इस्तेमाल करने से आतों की सूजन, अपच, लिवर इंफेक्शन आदि बीमारियां होने का डर रहता है। मिलावटी रंग भी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुरेश चंद्र नौगरिया के अनुसार, लंबे समय तक इस प्रकार के केमिकल व रंगों का इस्तेमाल करने से आंतों में घाव तक हो जाते हैं। ये लिवर, किडनी समेत पूरे पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं। इनसे पेट का कैंसर भी हो सकता है।

उझानी मेंै फैक्ट्री में केमिकल से बनी चिली सॉस देखते खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसर। संवाद