Budaun News: परिजनों ने मचाया अपहरण का शोर, जंगल में अलाव तापते मिले किशोर

उझानी कोतवाली आए सूरज और दीपक। संवाद
उझानी। बकरियों को चराकर लाने के बाद एक ही परिवार के सूरज और दीपक घर से लापता हो गए। देर रात तक जब दोनों का पता नहीं चला तो परिजनों ने अपहरण की आशंका जाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन दोनों मंगलवार तड़के जंगल में अलाव तापते मिल गए।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव प्रमिलानगर का है। 14 वर्षीय सूरज पुत्र रामदास अपने चचेरे भाई दीपक (12) पुत्र रामऔतार के साथ सोमवार दोपहर बकरियां चराने जंगल में गया था। शाम को दोनों बकरियां लेकर घर आ गए। बकरियों को पशुशाला में बांधकर दोनों बिना बताए घर से निकल गए।
सूरज के पिता रामऔतार भारतीय किसान यूनियन के नेता हैं। उन्होंने देर रात तक दोनों का पता नहीं चलने पर अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। इस पर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लापता दीपक और सूरज के बारे में परिजनों समेत ग्रामीणों से जानकारी की। इसके बाद पुलिस फोर्स ने जंगल में कांबिंग शुरू कर दी।
आधी रात के बाद पुलिस तो लौट आई, लेकिन परिवार के लोगों ने मंगलवार तड़के करीब चार बजे से फिर खोजबीन शुरू कर दी। उसी दौरान गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर जंगल में दीपक और सूरज अलाव तापते मिल गए। परिजन दोनों को लेकर सुबह कोतवाली पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक ने उनसे पूछताछ की।
पहले तो दोनों ने रात हो जाने पर डर की वजह से घर न लौटने की बात कही, लेकिन बाद में दो-तीन अज्ञात लोगों पर गुमराह कर बुला ले जाने का आरोप लगाने लगे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि रात हो जाने की वजह से दोनों किशोर जंगल में भटक गए थे। इसके बाद दोनों ने अलाव के सहारे रात गुजार दी। दोनों के सकुशल मिल जाने पर परिजनों के साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
इसी इलाके में हुई थी कासगंज के दो लोगों की हत्या
– प्रमिलानगर गांव गंगा की घनी कटरी में स्थित है। शाम से ही इलाके के संपर्क मार्ग पर लोगों की आवाजाही थम जाती है। दीपक और सूरज के लापता होने पर परिजनों को तमाम तरह की आशंका सताने लगी थीं। इसी गांव के संपर्क मार्ग पर पिछले महीने कासगंज के हीरालाल और इंद्रपाल के शव पड़े मिले थे। इसी वजह से पुलिस ने खोजबीन में कोई कसर नहीं छोड़ी।


