Budaun News: पति की मौत के बाद पत्नी पर एफआईआर
उझानी। नरऊ निवासी युवक की ससुराल में मौत के एक साल बाद पुलिस ने उसकी पत्नी, ससुर और साले पर एफआईआर दर्ज कर ली। आरोप है कि उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। कार्रवाई की मांग को लेकर बुजुर्ग पिता ने कोर्ट की शरण ली थी।
नरऊ निवासी सोनू पुत्र राजाराम ने पत्नी बबिता से घरेलू कलह के बाद अपने पिता का घर छोड़ दिया था। इसके बाद वह गौतमपुरी मोहल्ले में किराये पर ससुरालियों के साथ रहने लगे थे। एक नवंबर-2022 को सोनू का शव ससुराल में ही मिला था। पुलिस ने उस वक्त शव का पोस्टमार्टम भी कराया था, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं की। बेटे की मौत में राजाराम ने पुलिस समेत अफसरों से बहू बबिता, बेटे के ससुर शांतिस्वरूप और साले वीरपाल की भूमिका संदिग्ध बताई थी। आरोप था कि पत्नी समेत ससुरालियों से तंग आकर ही सोनू ने जहर खाकर जान दे दी। राजाराम आरोपियों पर कार्रवाई के लिए कई महीनों तक अफसरों के कार्यालयों के चक्कर काटते रहे।
सुनवाई नहीं होने पर सीजेएम कोर्ट की शरण ली। राजाराम ने कोर्ट को बताया कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं थे। इस वजह से बेटे की मौत के बाद कागजों पर उनके हस्ताक्षर करा लिए गए, उन कागजों में क्या लिखा था, यह पढ़कर नहीं सुनाया गया। कोर्ट ने आरोपों पर गौर करने के बाद पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद सोनू को आत्महत्या के लिए उकसाने में बबिता, वीरपाल और शांति स्वरूप के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी गई है।

