Budaun News: गंगा में बहे पांच श्रद्धालु, एक किशोर-एक किशोरी की मौत

कछला में हादसे के बाद बदहवास खड़े बच्चों समेत उनके परिजन। संवाद
उझानी/कछला (बदायूं)। कलश विसर्जन के लिए हाथरस से आए पांच श्रद्धालु कछला घाट पर रविवार पूर्वाह्न गंगा में नहाते समय बह गए। उनमें से एक किशोर और एक किशोरी की डूबने से मौत हो गई।
हाथरस के हसायन थाना क्षेत्र के गांव रति का नगला में ग्रामीणों ने मिलकर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया था। कथा समापन के बाद कलश विसर्जन के लिए ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कछला घाट आए। बच्चों और किशोर-किशोरियों के साथ महिला-पुरुषों ने कलश विसर्जन शुरू किया, तभी डुबकी लगाते समय प्रियांशु (16) पुत्र वीरपाल सिंह बहने लगा। वहां नहा रहे बच्चों को लगा कि प्रियांशु तैर रहा है। इसलिए पास में नहा रहीं शिवानी (12) पुत्री मोहनलाल, पूनम (13) पुत्री ब्रजेश, विकास (15) पुत्र वकील और पवन (16) पुत्र पीतांबर भी नहाने के लिए आगे बढ़ गए। जब वे भी बहने लगे तो परिजनों ने शोर मचाया।
गोताखोरों ने पवन, पूनम और विकास को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ देर बाद गोताखोरों को प्रियांशु भी मिल गया। तब तक उसकी सांसें चल रही थीं। उसे इलाज के लिए कासगंज ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं इस बीच शिवानी का भी शव करीब डेढ़ बजे मिल गया।
कछला चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि दस से अधिक गोताखोरों ने प्रियांशु और शिवानी की खोजबीन की। तेज बहाव की वजह से शिवानी का शव करीब आधा किलोमीटर दूर तक बहता चला गया था। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से भी इन्कार किया है। इसलिए शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया।
न गहराई का अंदाजा लगा न किसी ने बच्चोें को आगे जाने पर टोका
गांव रति का नगला के बच्चे और महिलाएं भीड़भाड़ से दूर घाट से पश्चिमी छोर की ओर स्नान करने के लिए बढ़ते चले गए। उनके साथ मौजूद किसी पुरुष ने उनसे पहले आगे आकर गहराई का अंदाजा लगाना उचित नहीं समझा। न ही किसी ने बच्चों को गंगा में आगे बढ़ने से रोका। यदि कोई टोक देता तो शायद बच्चे गहराई की ओर नहीं जाते।

कछला में हादसे के बाद बदहवास खड़े बच्चों समेत उनके परिजन। संवाद

कछला में हादसे के बाद बदहवास खड़े बच्चों समेत उनके परिजन। संवाद