Budaun News: पुलिस की लचर विवेचना से पूर्व विधायक को मिला संदेह का लाभ
बदायूं। करीब आठ साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में नामजद पूर्व बसपा विधायक मुस्लिम खां को एसीजेएम/सिविल जज सीनियर डिवीजन लीलू ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। कोर्ट ने इसके लिए पुलिस की लचर विवेचना को जिम्मेदार माना है।
मजिस्ट्रेट लीलू ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले की विवेचना समुचित प्रकार से नहीं की गई। मामले के विवेचक ने न तो कोई दस्तावेजी साक्ष्य संकलित किया और न ही कोई संबंधित बहीखाता, रोजनामचा, रजिस्टर, फर्म का पैड और लेन-देन संबंधी कोई भी रजिस्टर या स्टॉक रजिस्टर अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि विवेचक ने अपनी जिरह में यह माना कि ईंट उद्योग के लेजर आदि को चेक नहीं किया, न ही उन कागजात को विवेचना का भाग बनाया।
ऐसे में विवेचक ने अहम साक्ष्य को एकत्र न करके पूर्व विधायक को लाभ देने का प्रयास किया है। संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा भी जब आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया तो अग्रसारित करते समय आरोप पत्र का अवलोकन भी ढंग से नहीं किया गया, जो की अत्यंत आपत्तिजनक है।
कोर्ट ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस द्वारा लचर विवेचना का प्रदर्शन इस मामले में किया गया। इस पर कोर्ट ने पूर्व विधायक को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिय। इस मामले की निर्णय की प्रति पुलिस महानिदेशक, अभियोजन महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजी है जिससे संबंधित विवेचक और क्षेत्राधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।