Budaun News: कछला से देवरानी-जेठानी मैदान में
उझानी (बदायूं)। गंगा किनारे के यादव कुनबे में नगर पंचायत अध्यक्ष पद का लेकर करीब एक दशक से चल रही कुर्सी की जंग इस बार फिर सामने आ गई है। निवर्तमान अध्यक्ष नरेशपाल ने रविवार को पर्चा दाखिल कर दिया, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उनकी पत्नी रेखा यादव का नामांकन नए संकेत दे गया। रेखा की देवरानी सुषमा यादव ने नामांकन के बाद जहां सपा समर्थित प्रत्याशी होने का दावा किया तो उनके पति अनिल ने भी पर्चा दाखिल किया है। अनिल और नरेश ने पीछे हटे तो चुनावी जंग देवरानी-जेठानी के बीच होगी।
निवर्तमान अध्यक्ष नरेशपाल का परिवार शुरू से ही राजनीति से जुड़ा रहा है। उनकी मां रामबेटी यादव भी नगर पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं। पिछले निकाय चुनाव में नरेश ने बतौर कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। तब नरेश के छोटे भाई अनिल यादव भी सपा से लड़े थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा था।
इससे पहले नरेश की पत्नी रेखा और अनिल की पत्नी सुषमा चुनाव में आमने-आमने आ चुकी हैं। उस वक्त कांग्रेस की पुष्पा देवी लौनिया चौहान ने दोनों को हरा दिया था। कछला की राजनीति के जानकार बताते हैं कि दोनों भाइयों और उनकी पत्नियां जब भी मैदान में कूदीं, मुकाबले में बनी रही थीं। खासकर चुनाव के दौरान कुनबे के लोग भी आपस में बंटे हुए नजर आ जाते हैं।
हालांकि अब तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि दोनों भाई खुद ही आमने-सामने होंगे या फिर उनकी पत्नियां। वैसे, रेखा को कांग्रेस का साथ मिलने से पर्चा वापस लिए जाने के आसार काफी कम हैं। ऐसा ही सुषमा यादव के साथ भी हो सकता है।
कछला ने दो बार बचाई कांग्रेस की लाज
– निकाय चुनाव की राजनीति में कांग्रेस के हाथ को कछला का साथ अब तक दो बार मिल चुका है। नरेशपाल ने कांग्रेस के टिकट पर ही अध्यक्ष पद का मुकाबला जीता था। नरेश की जीत से पहले के चुनाव में पुष्पा देवी लौनिया चौहान ने कांग्रेस से नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। नरेश की पत्नी रेखा उस वक्त निर्दलीय उम्मीदवार थीं। कांग्रेस ने इस बार रेखा को उम्मीदवार बनाया है।