Budaun News: अमृत सरोवरों में भ्रष्टाचार का जहर कितना, तकनीकी जांच में खुलेगा राज
जल संचयन के लिए जिले में खुदवाए गए थे 75 सरोवर, अधिकांश पड़े हैं सूखे
– सरोवरों के चारों ओर तारबंदी कराने और पौधारोपण के भी दिए थे निर्देश
– जिला प्रशासन ने अभियान चलाकर कराई थी अमृत सरोवरों की खोदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जल संचयन के लिए जिले में खुदवाए गए 75 अमृत सरोवर बेमतलब साबित हो रहे हैं। अधिकतर सूखे पड़े हैं। उनके आसपास पौधरोपण भी नहीं है। न ही चारों ओर तारबंदी ही कराई गई है। भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सरोवरों की तकनीकी जांच का जिम्मा कई विभागों के जेई और एई को सौंपा है।
जिला प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवरों की खुदाई के लिए अभियान चलाया था। जिले की 75 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर बनाए जाने का दावा किया गया है। वहां मनरेगा के तहत मजदूरों से काम कराया गया था। कुछ प्रधान और सचिवों ने दावा किया है कि उनके तालाब में पानी भी भरवा दिया गया है। उसके चारों ओर तारबंदी भी कराई गई है। भरपूर पौधरोपण भी है।
पिछले दिनों उनके ये दावे फर्जी करार देने के कई मामले सामने आए। कई गांव से शिकायतें आईं कि उनके गांव में अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं। कई गांव में खोदाई तक नहीं कराई गई है। केवल खेत को ही अमृत सरोवर नाम देकर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। पौधरोपण से लेकर तारबंदी और वहां बैठने तक के इंतजाम अभिलेखों में दिखाए गए, लेकिन इन 75 अमृत सरोवर की हकीकत क्या है इसकी अब तकनीकी जांच कराई जाएगी। सीडीओ ने कई विभागों के जेई और एई को इनकी जांच के निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि वह जल्द से जल्द जांचकर रिपोर्ट भेजें।
शेष सभी ग्राम पंचायतों में खुदवाए जाएंगे अमृत सरोवर
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर खुदवाए जाएंगे। जिन ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर की खोदाई हो चुकी है, वहां तकनीकी जांच कराई जाएगी। इनके अलावा जो ग्राम पंचायतें बची हैं। वहां अभियान चलाकर खोदाई कराई जाएगी।
जिले में अभियान चलाकर 75 अमृत सरोवर बनवाए गए थे। हालांकि अमृत सरोवर सभी ग्राम पंचायतों में बनवाए जाएंगे, लेकिन जो इस समय बन गए हैं। पहले उनकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए कई विभागों के जेई और एई को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
– केशव कुमार, सीडीओ