बदायूं

Budaun News: राज्य सरकार से पैसा मिले तो शुरू हो अमृत सरोवर का कार्य

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Amrit Sarovar work should start only if money is received from the state government.

उझानी पीडीएफ

– उझानी के बहादुरगंज मोहल्ला स्थित तालाब को किया जाना है विकसित

– केंद्र सरकार अपने कोटे के 2.20 करोड़ रुपये कर चुकी है अवमुक्त

संवाद न्यूज एजेेंसी

उझानी (बदायूं)। बहादुरगंज मोहल्ला स्थित तालाब को 4.40 करोड़ की लागत से अमृत सरोवर के रूप में विकसित किए जाने का कार्य राज्य सरकार से संशोधित डीपीआर को मंजूरी नहीं मिल पाने के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है, जबकि केंद्र सरकार अपने कोटे के 2.20 करोड़ रुपये दिसंबर में ही अवमुक्त कर चुकी है।

पिछले साल केंद्र और प्रदेश सरकार ने बड़े तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किए जाने की योजना तैयार की थी। साथ ही इस संबंध में नगर पालिकाओं को तालाबों का चयन करने के निर्देश दिए थे। यहां तत्कालीन ईओ जेपी यादव ने बहादुरगंज मोहल्ले का तालाब इस संबंध में चयनित किया।

यह तालाब बरेली-मथुरा हाईवे से जुड़े बाइपास के नजदीक है। इसके बाद पालिका ने जो डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) लखनऊ भेजी। जिसमें खामियां बताकर संशोधित डीपीआर मांगी गई। जिसे भेजने में जेई को पांच महीने लग गए। इसके बाद अब संशोधित डीपीआर लखनऊ मुख्यालय पर लंबित है।

यहां बता दें कि अमृत सरोवर पर 4.40 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। कुल खर्च होने वाली धनराशि में केंद्र और प्रदेश सरकार को आधी-आधी रकम देनी है। पालिका प्रशासन के मुताबिक दिसंबर’ 22 में ही केंद्र सरकार ने अपने कोटे के 2.20 करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर दिए हैं। बावजूद इसके जेई की ओर से आगे की अभिलेखीय कार्रवाई समय रहते पूरी नहीं की गई है।

इसके पीछे असल वजह पीडब्ल्यूडी के जेई पर पालिका का अतिरिक्त प्रभार बताया जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि थोड़ी कवायद कर ली जाए तो दिवाली से पहले राज्य सरकार अपने कोटे के 2.20 करोड़ रुपये अवमुक्त कर सकती है।

पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होना है अमृत सरोवर

प्रस्तावित अमृत सरोवर को लेकर संशोधित डीपीआर में उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। पहले तो तालाब को गहरा किया जाना है, साथ ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (जल शोधन संयंत्र) लगना है। इसके अलावा सरोवर के चारों ओर बाउंड्री, लोहे की ग्रिल, परिसर में मार्निंग वॉक के लिए फुटपाथ, आसपास पत्थर और लोहे की बेंच बननी हैं। यही नहीं, शाम को उसे रोशनी से जगमग रखने के लिए व्यापक व्यवस्था होनी है।

उझानी में बहादुरगंज मोहल्ले के तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। संशोधित डीपीआर लखनऊ भेजी जा चुकी है। डीपीआर स्वीकृत होते ही राज्य सरकार के कोटे के 2.20 करोड़ रुपये भी अवमुक्त हो जाएंगे। इसके बाद ही काम शुरू होगा।

– देवेंद्र सिंह, जेई


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