Budaun News: हार्टअटैक हो या सिर में गंभीर चोट… कहीं और कराइए इलाज

जिला अस्पताल। संवाद
बदायूं। जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बात की जाए तो मेडिकल कॉलेज होने के बाद भी हालात बदतर ही हैं। जिला अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के अलावा किसी और बीमारी का इलाज ही नहीं है। हार्टअटैक हो सिर में गंभीर चोट, पीड़ितों को रेफर करना ही एकमात्र विकल्प है। ऐसे में अक्सर रास्ते में ही रोगी दम तोड़ देते हैं।
जिला अस्पताल लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। यहां न्यूरो सर्जन, हार्ट स्पेशलिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में सिर में चोट लगने पर यहां इलाज ही नहीं मिल पाता है। हार्ट स्पेशलिस्ट न होने से दिल के रोगियों को भी जिला अस्पताल आने पर जान के लाले पड़ जाते हैं।
वैसे तो सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह खुद बाल रोग विशेषज्ञ हैं लेकिन प्रशासनिक काम के बोझ के कारण बच्चों का इलाज नहीं कर पाते हैं। हादसे में सिर में चोट आती हैं तो भी यहां इलाज नहीं हो पाता है। प्राथमिक उपचार के बाद यहां से हायर सेंटर के लिए भेज दिया जाता है।
कमोवेश यही हाल राजकीय मेडिकल कॉलेज का हैै। उसमें भी न्यूरो सर्जन समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। मरीजों के इलाज की तो बात छोड़िए पूरी फैकल्टी न होने से एमबीबीएस के विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। यहां से गंभीर रोगियों को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। सिर्फ सामान्य रोगों के इलाज की ही मरीजों को सुविधा मिल पाती है।
जिला अस्पताल में ये चिकित्सक हैं तैनात
डॉ. रियाज हुसैन (हड्डी रोग विशेषज्ञ), डॉ. हरीश बाबू (हड्डी रोग विशेषज्ञ), डॉ. बागीश (हड्डी रोग विशेषज्ञ), डॉ. कुशलपाल सिंह (नेत्र रोग विशेषज्ञ), डॉ. उत्पल रस्तोगी (नेत्र रोग विशेषज्ञ), डॉ. पीयूष मोहर अग्रवाल (नेत्र रोग विशेषज्ञ), डॉ. सुशील कुमार (रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. पीयूष रस्तोगी (रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. अमित (ऐनेथेटिस्ट), डॉ. गणेश यादव (एनेस्थेटिक), डॉ. नरेशपाल सिंह (सीनियर कंसलटेंट), डॉ. शिवमोहन कमल (फिजिशियन), डॉ. राजीव गुप्ता (फिजिशियन), डॉ. एमए सिद्दीकी (नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ), डॉ. प्रदीप अग्रवाल (सर्जन), डॉ. रिषिम अग्रवाल (सर्जन), डॉ. अमित कुमार (सर्जन), डाॅ. श्रीपाल सिंह (चर्म रोग विशेषज्ञ), डॉ. अलंकार (प्रभारी एनआरसी)। इसके अलावा डॉ. एसपी सिंह, डॉ. जीके गुप्ता, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. नितिन सिंह और डॉ. गजेंद्र वर्मा बतौर ईएमओ तैनात हैैं।
-वर्जन
न्यूरो सर्जन, हृदयरोग और बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर से ही डॉक्टरों की कमी को दूर किया जाएगा। – डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल