बदायूं

Budaun News: महंगाई ने पांच फुट घटा दी रावण-मेघनाद की लंबाई

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Inflation reduced the length of Ravana-Meghnad by five feet

गांधी ग्राउंड में रावण का पुतला बनाने के लिए तैयार किया गया ढांचा। संवाद

बदायूं। दिनों दिन बढ़ती महंगाई का बोझ केवल आम जनमानस पर ही नहीं, बल्कि साल में एक बार फूंके जाने वाले रावण और मेघनाद के पुतलों पर भी पड़ा है। पिछले साल से तुलना करें तो महंगाई ने दोनों पुतलों की ऊंचाई पांच फुट घटा दी है। इस बार पीलीभीत के शाहिद दोनों पुतलों का निर्माण कर रहे हैं।

बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक त्योहार दशहरा मंगलवार को मनाया जाएगा। जिले भर में ये त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है तो हर रामलीला में रावण का पुतला भी दहन किया जाता है। शहर की रामलीला गांधी ग्राउंड में चल रही है। इस बार पीलीभीत के शाहिद की देखरेख में रावण और मेघनाद के पुतले बनाए जा रहे हैं। पुतले को बनाने वाला सामान की खरीदारी बरेली से की गई है।

पिछली साल रावण और मेघनाद का पुतले 40 और 35 फुट ऊंचे बनाए गए थे लेकिन इस बार इनकी लंबाई पांच फुट घट गई है। कारीगर शाहिद के अनुसार, इस बार रावण का पुतला 35 और मेघनाथ का 30 फुट ऊंचा बनाया जा रहा है। पुतले बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम लगातार बढ़ने से इसका असर रावण और मेघनाद के पुतलों पर पड़ा है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कांत के अनुसार, इस बार इनकी लागत करीब 55 हजार रुपये आ रही है, जबकि पिछली साल ये 45 हजार में तैयार हुए थे।

ऐसे बढ़े रेट-

सामान-पांच साल पहले के रेट-अब के रेट

– अखबार की रद्दी-15 रुपये किलो40 रुपये किलो

– रंगीन कागज-100 रुपये किलो-150 रुपये किलो

– प्रति बांस की कीमत-45 से 50 रुपये – 80 से 100 रुपये

– सहायक कारीगर-200 से 250 रुपये-300 से 400 रुपये प्रतिदिन

वृद्धि एवं रवि योग बनाएगा विजयादशमी को विशेष

– ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा के अनुसार, विजयादशमी का पर्व आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। यह दिन स्त्री के सर्वशक्तिमान स्वरूप मां दुर्गा के अदम्य साहस और असीम शक्तियों का भी प्रतीक है। इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर तीनों लोकों की रक्षा की थी। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्तूबर को शाम छह बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और 24 अक्तूबर को दोपहर तीन बजकर 14 मिनट तक रहेगी। इस साल विजयादशमी के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं। इनमें रवि योग 24 को सुबह 6:27 से दोपहर 3:38 तक और शाम को 6:38 से अगले दिन सुबह 6:28 तक बन रहा है। उन्होंने बताया कि रवि योग में किए गए कामों का शुभ फल मिलता है। विजयादशमी के दिन वृद्धि योग भी बन रहा है, जो 24 को दोपहर 3:40 से शुरू होगा और रात तक रहेगा। वृद्धि योग में पूजा पाठ और धर्म-कर्म करने से दोगुना फल मिलता है। विजयादशमी वाले दिन शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:58 से दोपहर 02:43 तक है।


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