गन्ने की उन्नतशील प्रजाति किसानों के लिए वरदान: प्रमुख सचिव
शाहजहांपुर। उप्र गन्ना शोध परिषद परिसर में शनिवार को दो दिवसीय शरदकालीन मिठास मेला एवं कृषक विचार संगोष्ठी की शुरुआत हुई। मेले का उद्घाटन प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग वीना कुमारी ने किया। मेले में कई जिलों के गन्ना किसान पहुंचे।
प्रमुख सचिव वीना कुमारी ने मिठास मेले में कहा कि उन्नत प्रजाति का गन्ना किसानों के लिए वरदान साबित होगा। पारंपरिक खेती के अलावा किसान मेले से नई तकनीक और विधि रहे हैं। मेला लगाने का उद्देश्य है कि गन्ने का उत्पादन बढ़ाया जाए। रोगमुक्त उन्नत गन्ना मिलेगा तो चीनी मिलों को भी फायदा होगा। इसमें गन्ना शोध परिषद का भी विकास होगा। खांडसारी उद्योग को बढ़ाने के लिए भी सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। कई तरह की छूट खंडसारी उद्योगों को दी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को जल्द से जल्द गन्ने का भुगतान मिले, यह उनकी प्राथमिकता में शामिल है। ऑनलाइन गेटवे माध्यम से बुक किए गए नवीन गन्ना किस्म कोशा 17231 के मिनी सीड किट का वितरण किया गया। प्रमुख सचिव ने मेले में लगी विभिन्न शोध प्रदर्शनी, चीनी मिल स्टाॅल एवं कीटनाशक स्टाॅल आदि का अवलोकन किया। प्रमुख सचिव ने इस अवसर पर शरदकालीन मिठास स्मारिका, वार्षिक प्रतिवेदन एवं यूपीसीएसआर एट ए ग्लाॅन्स का विमोचन किया। सभाकक्ष में किसानों द्वारा दिए गए सुझावों को सुना और उनका समाधान बताया। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान कौशल कुमार मिश्रा ने प्रमुख सचिव को गन्ने के साथ सहफसली के रूप में तैयार की गई पांच फुट लंबी लौकी भेंट की।
प्रमुख सचिव ने उनके सहफसली के हुनर की प्रशंसा करते हुए उत्साहवर्धन किया। साथ ही गन्ना खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील कृषक एवं महिला स्वयं सहायता समूह को सम्मानित कर मनोबल बढ़ाया। बुलंदशहर से आईं जागृति महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष ममतेश से प्रभावित होकर अंगवस्त्र देकर उत्साहवर्धन किया। स्टाॅल प्रतियोगिता में चीनी मिल ग्रुप में अजबापुर को प्रथम, निगोही को द्वितीय और रोजा को तृतीय स्थान मिला। कीटनाशक ग्रुप में एफएमसी को प्रथम, धानुका को द्वितीय और निचनो को तृतीय स्थान मिला। शोध प्रदर्शनी में पादप रोग अनुभाग को प्रथम, प्रजनन अनुभाग को द्वितीय तथा शर्करा अनुभाग को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रसार अधिकारी संजीव कुमार पाठक ने किया और आभार संयुक्त निदेशक डाॅ. सुभाषचंद्र ने किया। इस अवसर पर अपर गन्ना आयुक्त (विकास) वीके शुक्ल, संस्थान के निदेशक डाॅ. सुधीर शुक्ल, उप गन्ना आयुक्त सतेंद्र कुमार, उप गन्ना आयुक्त राजीव राय और जिला गन्ना अधिकारी शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर आदि उपस्थित रहे।