Budaun News: आसान नहीं पता करना सब्जियों के असल दाम
बदायूं। नेकपुर निवासी पिंकी सागर शनिवार सुबह घर की साफ-सफाई कर रही थी। तभी बाहर से आवाज आई सब्जी ले लो…। वह अपना काम छोड़कर ठेले वाले के पास पहुंची। उसके बाद में उन्होंने सब्जियों के रेट पता किए। काफी मोलभाव करने के बाद में ठेले वाले ने किसी सब्जी पर पांच तो किसी पर 10 रुपये तक कम कर लिए। शाम को पति के आने पर सब्जी के रेट को लेकर बात हुई, तो पता चला कि सब्जी उन्होंने दोगुनी से तिगु़ने दाम पर खरीदी है। यह हाल पिंकी ही नहीं, अममून शहर की तमाम गृहणियां का है।
जिले में इस मानसून काफी ज्यादा सक्रिय रहा है जिसकी वजह से अधिकांश मौसमी सब्जियां खराब हो गई। इसकी वजह से बाहर से अधिकांश सब्जियां आ रही है जो कितनी महंगी पड़ रही है। इसको पता नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, नात रिश्तेदारों के खर्चे का हिसाब किताब रखने वाली गृहणियों के पास सब्जी के भाव जानने का कोई तरीका नहीं हैं। सब्जी वाले 150 रुपये प्रति किलो के टमाटर का 200 रुपये भाव बताकर पांच से 10 रुपये छूट का लालच दे देते हैं। महिलाएं सस्ता समझकर खरीद तो लेती हैं, पर बाद में असलियत पता चलने पर पछताना पड़ता है। जिला प्रशासन भी सब्जियों के भाव निर्धारण करने को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसे में जिस विक्रेता को जो समझ में आता है, वहीं रेट सब्जी बेचता है। मंडी में जाकर लोगों को सब्जियों के भाव में अंतर का पता चल पाता है।
सब्जी – मंडी – फुटकर में
टमाटर -150- 200
अदरक-140-200
शिमला-120-160
कद्दू-20-30
लौकी-20-30
बैगन-30-50
तोराई-40-60
परमल-60-100
नीबू-60-100
हरीमिर्च-80-120
(नोट सभी आंकड़े प्रति किलो में हैं।)
ठेले वाले अक्सर सब्जी बेचने महंगे दामों पर बेचते हैं। उचित रेट में सब्जी लेने के लिए महिलाएं बाजार जाती हैं। स्थाई दुकान लगाने वाला व्यवसायी ज्यादा मार्जिन पर सब्जी नहीं बेचते हैं। – रिंकू, सब्जी व्यवसायी।
बोली गृहणियां
-प्रशासन को चाहिए, रोजाना सब्जी को लेकर रेट लिस्ट जारी करें, ताकि हमें रोजाना सब्जी की कीमत पता चल सके। सब्जी वाले जब चाहे दोगुनी कीमत मांगने लगते हैं। स्थानीय सब्जियों को भी बाहर का बताते हैं। हमें कैसे पता चलेगा कि टमाटर का सही भाव आज क्या है।-अर्चना
-जब तक सब्जियों के दाम सामान्य नहीं हो जाते हैं, तब तक रोजाना रेट लिस्ट जारी करें। जिससे सब्जियों की कीमत के बारे में पता चल सके। जिस प्रकार कोरोना काल में खाद्य पदार्थों के दाम को लेकर लिस्ट जारी की थी। -श्यामा देवी