Budaun News: 39 दिन में न्याय… चार हत्यारों को उम्रकैद, 30-30 हजार का जुर्माना
बदायूं। चार माह पहले हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी मुजरिमों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसकी आधी राशि वादी को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है। कोर्ट यह फैसला चार्जशीट दाखिल होने के 39 दिन बाद सुनाया है।
थाना बिल्सी के गांव करनपुर निवासी गिरवर की ओर से 29 अप्रैल, 2023 को दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक उनके पुत्र मनोज को गांव के ही वीरसिंह, मनोज, प्रवेंद्र और सूरजपाल अपने साथ ले गए थे। रंजिश के चलते खेत पर ले जाकर उन्होंने मनोज की लाठी-डंडे और फावड़े से हमला कर हत्या कर दी।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में 18 जुलाई को चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज डकैती डॉ. मोहम्मद इलियास ने साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुना। इसके बाद कोर्ट ने वीर सिंह, मनोज, प्रवेंद्र और सूरजपाल को मनोज की हत्या का दोषी ठहराते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
त्वरित न्याय : लगातार होती रही पैरवी और कार्यवाही
मामले की सुनवाई 15 जुलाई को एडीजे सौरभ सक्सेना ने शुरू की थी। 18 जुलाई को चार्जशीट दाखिल होने पर आरोपी वीर सिंह, मनोज, प्रवेंद्र और सूरजपाल पर आरोप तय किए। 19 जुलाई को पहले गवाह प्रमोद के मुख्य बयान दर्ज किए गए। 20 और 21 जुलाई को प्रमोद से बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की। 25 जुलाई को दूसरे गवाह वादी गिरवर के मुख्य बयान दर्ज किए गए। 26 जुलाई को वादी गिरवर से जिरह की गई। 27 जुलाई को तीसरे गवाह हेडमोहर्रिर सुनील कुमार, 31 जुलाई को चौथे गवाह दानवीर, एक अगस्त को पांचवें गवाह डॉ. डीके राज और दो व तीन अगस्त को इंस्पेक्टर अशोक कुमार की गवाही पूरी हुई। चार अगस्त को एडीजे सौरभ सक्सेना ने सातवें गवाह सब इंस्पेक्टर प्रणव कुमार की गवाही पूरी कराई। सात अगस्त को नए अधिकारी स्पेशल जज डॉ. मोहम्मद इलियास ने सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद शुक्रवार को फैसला सुना दिया।