Budaun News: जिला अस्पताल में जनरेटर धूल फांक रहे…मरीज गर्मी से बेहाल

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर। संवाद
शुक्रवार को भी एक घंटा नदारद रही बिजली, नहीं चलाया गया जनरेटर
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए लगाए गए जनरेटर धूल फांक रहे हैं। बिजली जाने के बाद जनरेटर नहीं चलाए जाते। जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को भी बिजली जाने से कारण काफी दिक्कत आई। करंट लगने से झुलसे एक मरीज का एक्सरे कराने के लिए उसके परिजनों को काफी पापड़ बेलने पड़े।
जिला पुरुष अस्पताल में 60-60 केवीए दो जनरेटर के अलावा ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए 150 केवीए का जनरेटर लगा का है। महिला अस्पताल में भी दो जनरेटर हैं लेकिन एक जंक खा चुका है। इन्हें चलाने के लिए बजट भी निर्धारित किया गया है, बावजूद इसके बिजली जाने के बाद अधिकतर इन्हें नहीं चलाया जाता। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।
अस्पताल में अक्सर बिजली व्यवस्था प्रभावित रहती है। कभी-कभी तो घंटों बिजली नहीं आती, जिससे कई मौकों पर जनरेटर नहीं चलने से अल्ट्रासाउंड, एक्सरे नहीं हो पाते और दूरदराज से आने वाले मरीजों को लौटना पड़ता है। इस मामले में पहले भी शासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा।
लोगों का कहना है कि यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सिर्फ छलावा हैं। शुक्रवार को भी एक्स-रे के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। एक घंटे बिजली न आने पर मरीज और उनके तीमारदार गर्मी से बेहाल हो गए।
मरीजों ने जनरेटर चलाने को लेकर कर्मचारियों से कहा तो साफ कहा गया कि बिजली का इंतजार करो। दो घंटे तक मरीज गर्मी के कारण परेशान रहे। लोगों ने हंगामा भी किया, लेकिन जनरेटर नहीं चला। ऐसे में करंट लगने से झुलसे युवक सर्वेश निवासी मर्रई मूसाझाग को एक्सरे के लिए काफी इंतजार करना पड़ा।
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सीटी स्कैन विभाग पर है अपना जनरेटर
सीटी स्कैन का जिम्मा एक निजी कंपनी पर है। ऐसे में इसके लिए कंपनी ने अपना जनरेटर लगा रखा है। ऐसे में बिजली जाने के बाद केवल सीटी स्कैन की सुविधा मरीजों को मिल पाती है। इसी प्रकार ब्लड बैंक के लिए भी अलग से सरकारी जनरेटर लगा है। बिजली जाने के बाद केवल इमरजेंसी में ही इसे चलाया जाता है।
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क्या बोले परेशान मरीज
सहसवान से हाथ का एक्सरे कराने आया था। एक घंटे से लाइन में लगा हूं लेकिन नंबर नहीं आया। लगभग आधा घंटे से बिजली न आने के कारण एक्सरे नहीं होने की बात की जा रही है।
– मोहम्मद आरिफ, सहसवान
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सुबह 10 बजे अस्पताल आ आए थे। दो घंटे लाइन में लगे, जिसके बाद बिजली चली गई। पता नहीं कब तक एक्स रे हो सकेगा। जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं बहुत खराब हैं।
– शानू, उझानी
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हाथ का ऑपरेशन कराना था। पर्चा बनवाकर लाइन में लग गए। एक घंटे से लाइन में लगे हैं लेकिन बिजली नहीं आने से मशीन बंद है। जब तक एक्सरे होगा तब तक डाॅक्टर उठ जाएंगे।
– रवि वैश्य, साहूकारा
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हाथ में फ्रैक्चर होने पर एक्सरे कराना था। पर्चा बनवाकर एक्सरे रूम में आए। एक घंटा लाइन में लगने के बाद बिजली गुल हो गई। जनरेटर चलाया नहीं जा रहा। दिक्कत हो रही है।
– ओमवीर सिंह, फुलासी दातागंज
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अस्पताल के लिए सामूहिक बजट आता है। तेल का कोई अलग से बजट नहीं आता। आवश्यकता के अनुसार एक जनरेटर चलाया जाता है। एक जनरेटर आज तक नहीं चला है, क्योंकि उसमें तेल की खपत बहुत अधिक है। छोटा जनरेटर चलाकर मरीजों को असुविधा से बचाने का काम किया जा रहा है। जनरेटर न चलने की बात निराधार है।
– डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर। संवाद

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर। संवाद

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर। संवाद

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर। संवाद

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर। संवाद

जिला अस्पताल में रखा जनरेटर। संवाद



