Budaun News: पुलिस का दावा- चकरोड को कब्जा मुक्त कराने की वजह से हुई प्रधान की हत्या

गमगीन बैठे मृतक प्रधान शिवचरन के परिजन। संवाद
वजीरगंज। ग्राम प्रधान शिवचरण की हत्या में गांव के ही एक व्यक्ति का नाम प्रकाश में आया है। वह पत्नी समेत घर से फरार है। घर से गायब होने की वजह से पुलिस का शक उस पर और पुख्ता हो गया है। पुलिस का दावा है कि चकरोड को कब्जा मुक्त कराने से उपजी रंजिश प्रधान की हत्या की वजह बनी। पुलिस ने संदिग्ध आरोपी पर दबाव बनाने के लिए उसके भाई को पकड़कर थाने में बैठा लिया है।
थाना क्षेत्र के गांव लखनपुरा में बृहस्पतिवार रात ग्राम प्रधान शिवचरण की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। ग्राम प्रधान अपने घर के बाहर बैठक में सो रहे थे, जबकि परिवार वाले घर के अंदर सोए हुए थे। शुक्रवार सुबह उनकी बेटी चांदनी माचिस लेने बैठक में गई तो उसने शिवचरण का शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा देखा। करीब आठ बजे थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की।
शनिवार को भी थाना पुलिस ने गांव पहुंचकर मामले की छानबीन की। इस दौरान पता चला कि गांव के ही एक व्यक्ति ने सरकारी चकरोड पर कब्जा कर लिया था। करीब एक माह पहले प्रधान ने पुलिस और लेखपाल को बुलाकर चकरोड से कब्जा हटवाया था। व्यक्ति का ग्राम पंचायत की खाली पड़ी जमीन पर भी कब्जा है। वहां वह अपनी भैंसेंं बांधता है। शिवचरण ने उससे ग्राम पंचायत की जमीन को भी कब्जा मुक्त करने के लिए कहा था। इससे वह प्रधान से नाराज था।
थाना पुलिस का दावा है कि उसी ने हत्या की है। पुलिस का शक इससे और पुख्ता हो गया है कि वह घटना के बाद से घर से फरार है। शनिवार सुबह उसकी पत्नी भी कहीं चली गई है। पुलिस ने उसके भाई को थाने लाकर बैठा लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक की छानबीन में चकरोड से कब्जा हटाने की रंजिश में ही हत्या होने की बात सामने आई है। संदिग्ध आरोपी की तलाश में दबशि दी जा रही है।
सुबह भैंस दुहकर कहीं चली गई पत्नी
– संदिग्ध आरोपी और भाइयों के गांव में अलग-अलग घर हैं। उसके दोनों बेटे नाबालिग हैं। गांव वालों ने उसकी पत्नी को शनिवार सुबह करीब छह बजे भैंस दुहते देखा था। वैसे वह सुबह सात और आठ बजे के बीच भैंस दुहती थी। भैंस दुहने के बाद वह कहीं चली गई।


