Budaun News: पुलिस सिर्फ बेटे को हत्यारोपी मान रही, भाई कह रहे- कई लोगों ने मिलकर की हत्या
बदायूं/उघैती। उघैती थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में किसान सुभाष शर्मा की हत्या की पुलिस ने भाई की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
हालांकि पुलिस सिर्फ बेटे सचिन को हत्यारोपी मान रही है, जबकि सुभाष के बड़े भाई अशोक का कहना है कि हत्या में सचिन के साथ कई और लोग भी शामिल थे। सबके हाथों में तमंचे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सुभाष को चार गोली मारे जाने की पुष्टि हुई है। तीन गोली शरीर में धंसी मिलीं जबकि एक हाथ को चीरते हुए निकल गई।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में 55 वर्षीय सुभाष शर्मा की रविवार को दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया जब सुभाष अपने ट्यूबवेल पर जा रहे रहे थे। बड़े भाई अशोक शर्मा का कहना है कि सुभाष ट्यूबवेल पर बाइक लेकर गए थे। उन्होंने अपनी बाइक ट्यूबवेल के सामने ही खड़ी थी। उसी दौरान सचिन गांव के चार अन्य लोगों को लेकर ट्यूबवेल पर पहुंचा।
इन लोगों ने उन्हें मारने के लिए तमंचे निकाले तो सुभाष जान बचाने के लिए भागे, लेकिन हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। अशोक का कहना है कि उन्होंने भी पुलिस विभाग में नौकरी की है। सुभाष की हत्या में और भी लोग शामिल हैं। सुभाष को 315 और 12 बोर के तमंचों से गोलियां मारी गईं। इससे साफ है कि हत्या किसी एक नहीं बल्कि कई लोगों ने मिलकर की है। पुलिस इसमें खेल करने की कोशिश कर रही है।।
कुछ दिन के ही मेहमान थे सुभाष
सुभाष के बड़े भाई पुलिस से सेवानिवृत्त एसआई अशोक शर्मा का कहना है कि सुभाष कैंसर से पीड़ित थे। उनके दोनों गुर्दे भी खराब हो चुके थे। इसके इलाज के लिए ही उन्होंने अपनी नौ बीघा जमीन बेची थी। पत्नी सरोज और बेटा सचिन उनका साथ नहीं दे रहा था। दोनों ने काफी समय पहले ही उनसे किनारा कर लिया था। दिवाली से एक दिन पहले ही राममूर्ति मेडिकल कॉलेज से छुट्टी कराकर वह घर आए थे। उनका ज्यादा जीवन नहीं बचा था।
24 घंटे बीते, हत्यारोपी बेटे को नहीं तलाश कर पाई पुलिस
– सुभाष हत्याकांड को लेकर 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है। इसके बावजूद पुलिस न तो सचिन का पता लगा पाई और न ही उसकी मां सरोज का सुराग लगा पाई है। रिपोर्ट में जिन अन्य आरोपियों का जिक्र है, उनका भी कोई पता नहीं चला है। जिन दो आरोपियों को हिरासत में लेने की बात कही गई थी, पुलिस अब उससे भी मुकर गई है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। इसमें सचिन समेत रामबहादुर, अनुज, विपिन व रामबहादुर के खिलाफ एफआईआर कर ली गई है।