बदायूं

Budaun News: डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रकम निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो बदमाश पकड़े

Connect News 24

– जिले के अलावा पड़ोसी जनपदों में भी दे रहे थे चोरी और ठगी की घटनाओं को अंजाम

– गिरोह का सरगना और उसका एक साथी गिरफ्तार, दो आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। जिले के अलावा समीपवर्ती जनपदों में डेबिट कार्ड बदलकर खातों से रकम निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो बदमाशों को एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दो बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर और उसके साथी से 16 डेबिट कार्ड, दो पेटीएम स्वाइप मशीन और दिल्ली से चोरी लग्जरी कार समेत 430 ग्राम अफीम बरामद की गई है।

एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने गिरोह के बारे में जानकारी देते हुए वर्कआउट करने वाली टीम को पुरस्कृत किया है। बीती तीन अप्रैल को वजीरगंज कस्बे में विकास कुमार सिंह डेबिट कार्ड से पैसे निकाल रहे थे। इसी दौरान दो युवक वहां आए और उन्होंने डेबिट कार्ड का पासवर्ड डालते हुए देख लिया। इसके बाद उन्होंने डेबिट कार्ड बदलकर उसी बैंक का दूसरा डेबिट कार्ड विकास को दे दिया और वह लग्जरी कार से भाग गए। कुछ देर बाद विकास कुमार सिंह के बैंक खाते से 45 हजार रुपये गायब हो गए। उन्होंने मामले की एफआईआर दर्ज कराई तो मामला जानकारी में आने के बाद एसएसपी ने एसओजी को घटना के खुलासे में लगा दिया।

एसओजी और वजीरगंज पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो आरोपियों के चेहरे दिख गए। कार का नंबर भी पता चल गया। बुधवार को एसओजी और पुलिस टीम को पता चला कि डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रकम निकालने वाले रोटा गांव से टिकुरी रोड की ओर जा रहे हैं। एसओजी ने मौके पर जाकर कार सवार चारों लोगों को रोक लिया। इसमें दो लोग फरार हो गए जबकि उनके दो साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

पूछताछ में उन्होंने अपने नाम अब्दुल वाहिद उर्फ बिट्टू पुत्र अब्दुल्ला उर्फ गोपाल सिंह निवासी हाउस नंबर बी 37 गली नंबर दो राजीव नगर मंडोली दिल्ली व छोटे उर्फ वीरेंद्र निवासी पुठी सराय थाना बिनावर बताए। उन्होंने फरार साथियों के नाम अनिल चौहान निवासी शिवनगर थाना अलीगंज जिला बरेली व महेंद्र उर्फ राकेश पुत्र दौलतराम निवासी गांव इन्चौर झूनानगर थाना अलीगंज जिला बरेली बताए। पुलिस के अनुसार, ये लोग जब भी पकड़े जाते थे तो पुलिस को अलग अलग स्थानों का निवासी बताकर गुमराह करते थे। ऐसे में पुलिस को अब्दुल वाहिद का दूसरा पता मुस्तफाबाद भजनपुरा दिल्ली व पुराना बस अड्डा नंदगाव रोड ठेके वाली गली बी/54 थाना नंदग्राम जिला गाजियाबाद भी मिला जबकि छोटे का दूसरा पता मकान नंबर सी-5/146 यमुना विहार नार्थ ईस्ट दिल्ली भी पुलिस को मिला। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

-इस तरह देते थे घटनाओं को अंजाम

– पुलिस की गिरफ्त में पहुंचे अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना अब्दुल वाहिद ने बताया कि उनका गिरोह दिल्ली, एनसीआर से लेकर यूपी के कई जिलों में घटनाओं को अंजाम दे चुका है। वह लोग एटीएम के पास लोगों के बीच में खड़े हो जाते हैं। इसके बाद ऐसे लोगों को चिह्न्ति करते हैं जिनको डेबिट कार्ड प्रयोग करने की कम जानकारी होती है। वह उनकी सहायता करने के लिए उन्हें भ्रमित कर पासवर्ड देख लेते हैं। इसके बाद उसी बैंक का दूसरा डेबिट कार्ड उनको पकड़ाकर फरार हो जाते हैं। एटीएम पर लगे सीसीटीवी कैमरों में वह कैद न हों इसके लिए स्वाइप मशीन में वह कार्ड का उपयोग कर अपने खातों में पैसा ट्रांसफर कर लेते हैं।

बरेली, शाहजहांपुर, अमरोहा, हरदोई, मुरादाबाद में कर चुके हैं घटनाएं

– पुलिस के हत्थे चढ़ा यह गिरोह थाना सरिता विहार साउथ ईस्ट दिल्ली से चोरी की गई कार के सहारे दिल्ली के अलावा बरेली, शाहजहांपुर, अमरोहा, हरदोई, मुरादाबाद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घटनाओं को अंजाम दे चुका है। हिस्ट्रीशीटर अब्दुल वाहिद ने बताया कि उसकी मुलाकात अनिल चौहान से दिल्ली के रोहिणी जेल में हुई थी जो लूट की घटना में जेल में बंद था और वह हत्या, लूट, चोरी के मामले में जेल गया था। अनिल ने ही उसकी पहचान महेंद्र व छोटे उर्फ वीरेंद्र से कराई थी। इसके बाद वह गिरोह बनाकर घटनाओं को अंजाम देने लगे। पुलिस ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर अब्दुल वाहिद पर दिल्ली के अलग-अलग थानों में लूट, हत्या, चोरी के 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। छोटे उर्फ वीरेंद्र पर भी कई मामले दर्ज हैं।


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