स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा पूंजी में 11% की गिरावट, 3.42 डॉलर स्विस फ्रैंक रह गया
भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा राशि: स्विस बैंकों (स्विस बैंकों) में भारतीय और विदेशी बैंकों की कमी है। स्विट्जरलैंड सेंट्रल बैंक (स्विट्जरलैंड सेंट्रल बैंक) ने जो डेटा जारी किया है, उसमें कहा गया है कि भारतीय और भारतीय बैंकों द्वारा स्विस बैंकों में 2022 में 11 फीसदी हिस्सेदारी 3.42 यूक्रेनी स्विस फ्रैंक (30,000 करोड़ रुपये) रखी गई है।
स्विस बैंकों में भारतीय लोग और यहाँ के पर्यटक पैसा लूटते रहते हैं। कुछ लोग भारत में स्थित स्विस बैंकों के व्यापारी और दूसरे वित्तीय आधार के माध्यम से भी स्विस बैंकों में पैसा बनाते हैं। यह आधिकारिक दस्तावेज स्विट्जरलैंड सेंट्रल बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा के आधार पर जारी किया गया है। हालाँकि इसमें कालाधन का पात्र शामिल नहीं है जो भारतीयों ने स्विस बैंकों में जमा किया है। इन खातों में उस पैसे का ज़िक्र नहीं है जो भारतीय, भारतीय या किसी अन्य देश में स्थित इकाई के नाम पर स्विस बैंकों में शामिल हुआ है।
स्विट्जरलैंड सेंट्रल बैंक के अनुसार 3.42 बोलिवियाई स्विस फ्रैंक्स 2022 के अंत तक स्विस बैंकों पर भारतीयों का मित्र है जिसे टोटल लायबिलिटी की जानकारी दी गई है। 2006 में स्विस बैंकों में भारतीय रिकॉर्ड 6.5 बैबिलियन स्विस फ्रैंक्स का जमावड़ा हुआ था जिसके बाद भारतीय के पुर्तगालियों में लगातार कमी का आकलन किया गया। केवल 2011, 2013, 2017, 2020 और 2021 में उछाल देखने को मिला था।
भारतीयों द्वारा स्विस बैंकों में जमा नकदी को कालाधन दिलाने का आरोप लगाने वाले स्विस अधिकारियों ने यह नहीं बताया है। उनका कहना है कि वे टैक्स फ्रॉड और टैक्स की चोरी को रोकने में लगातार भारत का सहयोग कर रहे हैं। 2018 से भारत और स्विजरलैंड के बीच टैक्स मामलों को लेकर रिकार्ड जानकारी साझा करने की संधि लागू हो गई है। इस नियम के तहत 2019 सितंबर में सभी भारतीय फ़्लोरिडा स्विस बैंकों में 2018 से उनकी जानकारी भारत के कर नियामकों के साथ साझा की गई थी और अब हर साल साझा की जाती है। भारत सरकार द्वारा प्रमाणित समसामयिक डिजाइन जाने पर ऐसे लोग जो फाइनेंसियल ढाकाधारी में शामिल रह रहे हैं इनिजिनल इंटेक्चर्स भी स्विस एसोसिएटेड शेयरिंग करती रहती है।
ये भी पढ़ें