रसायनों का कम उपयोग कर उत्पादन बढ़ाएं : डॉ. सुधीर

किसान को सम्मानित करने निदेशक डॉ. सुधीर शुक्ल। स्रोत: संस्थान
शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषद की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को विश्व मृदा दिवस पर समापन हो गया। प्रशिक्षण में मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने के उपाय और रसायनों का कम प्रयोग कर किस प्रकार उत्पादन में वृद्धि करें, इसके बारे में वैज्ञानिकों ने जानकारी दी।
गन्ने की खेती में रसायनिक कीटनाशकों के प्रयोग के बजाय ट्राइकोकार्ड, ट्राइकोडर्मा, बावेरिया बैसियाना और मैटाराइजियम ऐनिसोपली आदि जैविक उपायों पर प्रशिक्षण दिया गया। गन्ना शोध परिषद के निदेशक डाॅ. सुधीर शुक्ल ने कहा कि मृदा में कार्बनिक पदार्थों की वृद्धि के लिए किसानों को गोबर की खाद, प्रेसमड, वर्मी कंपोस्ट और हरी खाद का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन से भी मृदा के कार्बनिक पदार्थों में वृद्धि कर सकते हैं। बायोस्टेट इंडिया लिमिटेड के नरेंद्र त्यागी और आरती ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर निदेशक डा. सुधीर शुक्ल ने किसान इकबाल सिंह, जसवंत सिंह, भोजराज सिंह, रामकिशोर, लालता प्रसाद, प्रमोद कुमार आदि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान परिषद के वैज्ञानिक डाॅ. अजय तिवारी, डाॅ. अनिल सिंह, डाॅ. सुजीत प्रताप सिंह, डाॅ. श्रीप्रकाश यादव, डाॅ. जीएन गुप्ता, मनोरंजन प्रसाद केसरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. संजीव कुमार पाठक ने किया।