फर्जी प्रमाणपत्र क्रेडिट का पता लगाने के दौरान दर्ज करें 11,140 फर्जी पंजीकरण पंजीकरण
नकली जीएसटी पंजीकरण: वित्त मंत्री निर्मल सिताररामन ने सदस्यता संबंधी शिकायतें रोकने के लिए चलाये जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा की। वित्त मंत्री को फर्जी पंजीकरण के खिलाफ अबतक की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। वित्त मंत्री को बताया गया कि ऐसे 11,140 ऐसे पंजीकरण का पता चला है जो जांच में फर्जी (फर्जी) पाए गए हैं और इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वित्त मंत्री को बताया गया कि कैसे इन फर्जी पंजीकरण का पता लगाया जा रहा है। वित्त मंत्री ने रजिस्ट्री पंजीकरण प्रमाणपत्र को मजबूत करने के आदेश दिए हैं। और प्रौद्योगिकी का उपयोग कर फेक पंजीकरण रोकने की नसीहत दी है। इससे पहले सीआईआई के कार्यक्रम के दौरान सीबीआईसी के आरक्षित विवेद जोहरी (विवक जौहरी) ने बताया कि ऐसी इकाईयों की पहचान करने के लिए स्पेशल ड्राइव चल रहा है इसी के दौरान इन संस्थाओं द्वारा नकली पंजीकरण (नकली पंजीकरण) का मामला सामने आया है।
श्रीमती @nsitharaman जीएसटी चोरी के लिए फर्जी बिलिंग के खिलाफ चल रहे अभियान की आज समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राजस्व सचिव श्री संजय मल्होत्रा और सीबीआईसी के अध्यक्ष श्री विवेक जौहरी ने भाग लिया। एफएम को फर्जी पंजीकरण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई।… pic.twitter.com/s42kHFbyy6
– एन सीतारामन ऑफिस (@nsitharamanoffc) जून 16, 2023
विवेक जौहरी ने कहा कि कुछ जोखिम शेयर के आधार पर ऐसे 60,000 यूनिटों की पहचान की गई थी जिनके विवरण फील्ड अधिकारियों के साथ किए गए थे। उन्होंने बताया कि इसका कवायद का ये मकसद था कि केंद्र और राज्य का विवरण ऐसे ईकायों का भौतिक सत्यापन करें जिससे किसी के अस्तित्व का पता लगाया जा सके कि ये जमीन पर मौजूद है या भी नहीं।
सीबीएससी ने बताया है कि सत्यापन सत्यापन प्रमाणपत्र अभी जारी है। उन्होंने बताया कि कु 43,000 सत्यापन प्रमाण पत्र जा चुके हैं जिनमें से 11,140 फर्जी फर्जी बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन फर्जी संस्थाओं को 15,000 करोड़ रुपये के प्रमाण पत्र टैक्स क्रेडिट (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लेने में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस वेरिफिकेशन अटैचमेंट के कारण फर्जी फर्जी पंजीकरण का कारण राजस्व को संदेश जा रहे नुकसान का पता लगाने में मदद मिल रही है।
सीबीआईसी लगातार आंकड़ों को लेकर फोकस कर रहा है, साथ ही बिजनेस टू बिजनेस एक्शन की देनदारी पिछले कुछ महीनों में ग्लोब कलेक्शन में लगातार देखने को मिली है। इसके चलते अप्रैल में संकलन रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ रुपये पर जा सकता है।
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