चुनावी चकल्लस: ‘नेताजी पांच साल तो दिखाई नहीं देते, अब चुनाव के वक्त कर रहे जनता की परिक्रमा’

चाय पर चुनावी चर्चा करते लोग
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बरेली में मतदाताओं के दरवाजे पर आजकल सुबह सात बजे से नेताजी समर्थकों के साथ पहुंच रहे हैं। अबकी वोर्ट सिर्फ हमें ही देना, शहर का भला हम ही कर सकते हैं। तुम्हारी हर परेशानी, सुख-दुख में खड़े हुए और आगे भी खड़े होंगे, बस हमारा ध्यान रखना। ये बोल मेयर, पार्षदी का चुनाव लड़ने वाले नेताओं के हैं। मतदाता भी आजकल शहर के चौराहों, चाय की दुकानों पर यही सब चर्चा करते हैं।
मतदाता कहते हैं कि नेताजी पांच साल तो दिखाई नहीं देते हैं। जब हमें जरूरत होती है तो ये मिलते नहीं हैं। इनके कार्यालय से लेकर घर तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। अब सुबह आंख नहीं खुल पाती है, उससे पहले ही घर आ धमकते हैं। सिविल लाइंस स्थित चाय की दुकान पर अनूप सक्सेना कहते हैं कि अब तो शहर के लोग ही नेताओं के लिए मसीहा है। जब तक मतदान नहीं हो जाएगा, तब तक इनकी गणेश परिक्रमा जारी रहेगी।
प्रत्याशी कर रहे मोहल्लों को निरीक्षण
अजय मोहन शर्मा व अरुण थामस कहते हैं कि सुबह होते ही प्रत्याशी मोहल्ले का निरीक्षण करने लगते हैं। यहीं चाय पी रहे अनुज मिश्रा व अनिल कुमार गुप्ता कहते हैं कि इस समय कहीं नाली टूट जाए तो प्रत्याशियों में बनवाने की होड़ मच जाती है। प्रत्याशी तत्काल खुद के पैसों से काम करा दे रहे हैं।



