इक्विटी में निवेश बढ़ाने पर विचार कर रहा ईपीएफओ, वित्त मंत्रालय से जल्द ले सकता हूं
सेवानिवृत्ति निधि निकाय निवेश: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ अपने निवेश जोखिम विस्तार को बढ़ाने और परिवर्तन-ट्रेडेड फंडों में अपने निवेश से रिडेम्पशन आय को वापस इक्विटी या संबंधित साधनों में निवेश करने पर विचार कर रहा है। शेट्टी की रिपोर्ट में कहा गया है कि विकार फंड बॉडी जल्द ही वित्त मंत्रालय से संपर्क कर सकता है।
ई पीएफओ रिटर्न को अधिकतम करने के लिए निवेश बढ़ाने पर विचार कर रहा है। हित के अनुसार, मार्च के अंतिम सप्ताह में ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ट्रस्टीज की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इस प्रस्ताव के तहत ईटीएफ निवेश की आय को इक्विटी और संबंधित उपकरणों में फिर से निवेश किया जा सकता है, जिस कारण ईपीएफओ में निवेश निवेश बढ़ेगा।
ईटीएफ से कितने निवेश की अनुमति
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिकार सूचना के तहत ईपीएफओ इक्विटी में निवेश करता है। हाल ही में ईटीएफ द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत ईपीएफओ इक्विटी में 5 और 15 प्रतिशत के बीच फ्लोरोसेंट निवेश कर सकता है। जबकि बाकी अमाउंट को डेटेटेज में निवेश करता है।
कब-कब कितनी शेयर निवेश की लिमिट
शेयर निवेश फंड बॉडी के अनुसार, जनवरी 2023 तक शेयर निवेश कुल कर्मचारी प्रोविडेंड फंड कॉपरेशंस का केवल 10 प्रतिशत था, जबकि लिमिट 15 प्रतिशत तक थी। साल 2015-16 में 5 प्रतिशत के साथ ईपीएफओ ने ईटिट से निवेश शुरू किया था। साल 2016-17 में निवेश सीमा बढ़ाकर 10 फीसदी कर दी गई और 2017-18 में इसे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। 31 मार्च 2022 तक ईटीए में 1,01,712.44 करोड़ रुपये यानी कुल निवेश 11,00,953.66 रुपये का 9.24 प्रतिशत का निवेश किया गया था।
अटैचब है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन समय-समय पर ईट में निवेश कर संबंध कमाता है। हालांकि ईटीएफ में अभी निवेश की कुल अनुमति 15 प्रतिशत है और बाकी अन्य में निवेश किया जाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में ईपीएफओ ने कैलेंडर वर्ष 2018 के दौरान 15,692.43 करोड़ रुपए में बताया गया ईट लेटर का लाभ उठाया था।
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