Bareilly News: रीवैंप में फॉल्ट… 820 करोड़ की योजना को नहीं मिल रहा करंट
बरेली। बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए 820 करोड़ रुपये की रीवैंप योजना के अधिकतर काम अभी शुरू नहीं हुए हैं। इसका खामियाजा शहर के 50,000 से अधिक उपभोक्ता भुगत रहे हैं। जितने भी काम शुरू हुए हैं, वे अधूरे पड़े हैं। यही वजह है कि 24 घंटे बिजली देने का शेड्यूल शहर के कई हिस्सों में धड़ाम है।
किला, हरुनगला और सुभाषनगर सबस्टेशन से जुड़े फीडरों पर 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि 20 से 23 घंटे तक का औसत है। अफसर 24 घंटे का दावा कर रहे हैं, लेकिन अगर बिजली गुल होने के उदाहरण देकर अफसरों से पूछा जाए तो वे फीडर विशेष में लोकल फाॅल्ट होने की बात कहकर टाल देते हैं। हकीकत ये है कि कटौती सिस्टम ठीक न होने की वजह से हो रही है। सिस्टम को ठीक करने के लिए ही रीवैंप योजना लागू की गई। कहीं सर्वे हो रहा है तो कहीं साइट पर सामान पड़ा है। एनओसी न मिलने की वजह से काम अटका है। नगर निगम, जल निगम, ग्राम पंचायत, संचार निगम, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग से उनके क्षेत्र में सड़क खोदने की एनओसी ली जानी है।
जिन विभागों से एनओसी ली जानी है, सबको पत्र भेजे गए हैं। संबंधित अधिशासी अभियंता लगातार संपर्क कर रहे हैं। रीवैंप के काम करा रही निजी कंपनी के साथ भी लगातार बैठक की जा रही है। ताकि काम को रफ्तार मिल सके। -राजीव कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता
यह हाल है
सुभाषनगर में सिर्फ चार खंभे लगे, पांच महीने बीते
विद्युत वितरण खंड प्रथम में रीवैंप योजना के तहत सुभाषनगर में सिर्फ चार खंभे और थोड़ा सा एबीसी केबल लगाया गया। अधिकतर काम अधूरे पड़े हैं। वित्तीय वर्ष के पांच महीने बीत चुके। लाइन लास वाले फीडरों पर काम पूरा नहीं हो सका। सुभाषनगर सबस्टेशन से 17,000 उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्षों पुरानी बिजली लाइनें हैं और फाल्ट अधिक होते हैं। लाइन लॉस भी औसत से अधिक है। कई ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं। 5000 उपभोक्ताओं की आपूर्ति हर रोज सिस्टम पुराना होने की वजह से प्रभावित होती है।
समय पर सामग्री का इंतजाम नहीं, सर्वेक्षण तक रहे सीमित
विद्युत वितरण खंड तृतीय में अभी तक काम शुरू नहीं हो सके। योजना सर्वेक्षण तक ही सीमित है। अगर गर्मी से पहले काम शुरू हो गए होते तो ओवरलोडिंग के वक्त कटौती का सामना न करना पड़ता। जब अधिशासी अभियंता से पूछा गया तो उनका कहना था कि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने तो समय से कार्यादेश जारी कर दिया था लेकिन निजी फर्म को सामग्री का इंतजाम करने में वक्त लगा।
हरुनगला, महानगर, जगतपुर में काम शुरू होने का इंतजार
विद्युत वितरण खंड चतुर्थ के हरुनगला, महानगर, जगतपुर, नवादा शेखान मोहल्ले में बिजली आपूर्ति आए दिन प्रभावित होती है। मौसम ठीक होने पर भी कई बार पुराने तार में फाल्ट होते हैं। सबस्टेशनों में सर्किट ब्रेकर पुराने हैं। ट्रांसफार्मरों की लीड पुरानी हैं। इससे भी फाल्ट होते हैं। रीवैंप के काम जल्द शुरू कराए जाने का दावे किए गए थे लेकिन हकीकत में सिर्फ बनखंडी फीडर पर काम शुरू हुआ, जबकि फीडर 21 हैं। अधिशासी अभियंता का कहना है कि रीवैंप में भले ही काम में देरी हुई हो पर दूसरी योजनाओं में काम शुरू हुए हैं।



