पीलीभीत

पीटीआर : बाघों के लिए कम पड़ रहा जंगल, बढ़े आपसी संघर्ष के आसार

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PTR: Forest is becoming less for tigers, chances of conflict increasing

वन कटी रोड ​स्थित सिगनेचर गेट । संवाद

पीलीभीत। टाइगर रिजर्व में अब बाघों के लिए जंगल कम पड़ने लगा है। विशेषज्ञों की मानें तो यही कारण है इन दिनों बाघों के बीच बढ़े आपसी संघर्ष का जो आने वाले वक्त में और भी बढ़ सकता है। ऐसे में संरक्षण की विभागीय कवायद में कुछ बाघों को दूसरे वन क्षेत्र में शिफ्ट किया जाना ही उचित माना जा रहा है।

जानकारों के अनुसार एक बाघ के रहने के लिए जगह कम से कम 20 वर्ग किलोमीटर जंगल की जरूरत होती है। वर्तमान में पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में 730 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है जो 36 बाघों के लिए ही पर्याप्त है जबकि पीटीआर में फिलवक्त 71 से अधिक बाघ हैं। इतने बाघों के लिए करीब 1500 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र की दरकार है जिससे सामान्य तौर पर रहते हुए बाघ अपनी तादाद बढ़ा सकें।

शायद यही कारण है कि बाघ जंगल से बाहर खेतों और आबादी क्षेत्र में दिखने लगे हैं। जंगल से सटे गांव व खेत तो दूर शहर की सीमा के निकट तक आ चुके हैं। ऐसे में बाघों की सुरक्षा के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष रोकना कड़ी चुनौती बना हुआ है। बीते माह ही बाघाें ने दो लोगों को मार दिया था।


नौ साल में दोगुने से अधिक हुई बाघों की संख्या

पीलीभीत के जंगल को वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला था। उस समय यहां पर 34 बाघ थे। इसके बाद वर्ष 2018 में संख्या बढ़कर 65 से अधिक हो गई। इसके साथ ही बाघों का जंगल से बाहर आने का सिलसिला भी शुरू हो गया। 2023 में बाघों की संख्या बढ़कर 71 हो गई। हालांकि चर्चा यह है कि पीटीआर के जंगल में करीब सौ बाघ घूम रहे हैं।


बराही, माला और महोफ रेंज में बढ़ी चहलकदमी

पीटीआर में पांच रेंज में घना जंगल है लेकिन बाघों की सबसे अधिक आवाजाही माला, बराही और महोफ रेंज के जंगल में देखने को मिलती है। माधोटांडा क्षेत्र में ही बीते करीब दो माह से बाघों की चहलकदमी को देखा जा रहा है। इसके अलावा महोफ रेंज में सड़क किनारे या सड़क पर बाघों की गतिविधियों के वीडियो भी अक्सर वायरल होते रहते हैं।

बाघों की संख्या के अनुसार पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल कम पड़ गया है। जंगल का क्षेत्र देखा जाए तो यह 35 बाघों के लिए ही उचित है। यहां पर 71 से अधिक बाघ होने की रिपोर्ट जारी की गई है। बाघों को सुरक्षित स्थान देने और जंगल में रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

– नवीन खंडेलवाल, डीडी पीटीआर


102 तेंदुए भी हैं मौजूद

टाइगर रिजर्व में तेंदुआ का भी कुनबा बढ़ रहा है। यहां पर अधिकारी करीब 102 तेंदुए होने की बात कह रहे हैं। तेंदुओं के लिए कोई अलग रेंज नहीं है। वे सभी रेंजों में मौजूद हैं। इनकी उपस्थिति भी बाघों के वन क्षेत्र को सीमित कर रही है। वहीं तेंदुओं के लिए भी वन क्षेत्र कम पड़ रहा है जिससे वे आबादी की ओर रुख कर रहे हैं।

वन कटी रोड स्थित सिगनेचर गेट । संवाद

वन कटी रोड स्थित सिगनेचर गेट । संवाद


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