दो सप्ताह तक लगातार गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा भंडार 5.92 अरब डॉलर बढ़कर 595.06 अरब डॉलर हो गया
भारत विदेशी मुद्रा भंडार: दो हफ्ते की गिरावट के बाद एक बार फिर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अटका हुआ है। बैंकिंग सेक्टर के नियामक भारतीय रिजर्व बैंक ने जो डेटा जारी किया है, उसके अनुसार 2 जून को खत्म सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 5.92 बिलियन डॉलर का उछाल आया है। विदेशी मुद्रा भंडार 595.06 बिलियन डॉलर पर जा रहा है जो पिछले सप्ताह 589.13 बिलियन डॉलर रहा था।
आरबीआई (भारतीय रिज़र्व बैंक) ने विदेशी मुद्रा बाज़ार के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि विदेशी मुद्रा बाज़ार 5.92 अरब डॉलर के साथ 595.06 अरब डॉलर पर आ गया। सब्सक्राइबर ने जो डाटाबेस जारी किया है, उसके अनुसार एलियन एसेट्स (विदेशी मुद्रा संपत्तियां) में 5.27 अरब डॉलर की तेजी आई है और ये बढ़कर 526.20 अरब डॉलर पर आ गई है। सोने के भंडार (Gold Reserves) में भी गिरावट आई है। गोल्ड रिजर्व 6.55 बिलियन डॉलर से जुड़ा हुआ है और इसका फाउंटेन 41.70 बिलियन हो चुका है। आईजीएफ के पास मौजूद है 10 मिलियन डॉलर की राशि के साथ 5.12 बिलियन डॉलर। अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब अमेरिकी डॉलर के उच्चतम स्तर पर जा रहा था और उसे स्तर से विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।
अक्टूबर 2021 के बाद अक्टूबर 2022 तक लगातार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखने को मिली थी। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद डॉलर के जाम रुपये में भारी कमजोरी देखने को मिली जिसके कारण रुपये को चमकाने के लिए अपने कोष से डॉलर की बिक्री हुई। नवंबर 2022 में विदेशी मुद्रा भंडार घटक 525 बिलियन डॉलर के स्तर पर था। एक्सचेंज रेट में स्टैबिलिटी के तर्क के साथ डॉलर मार्केट जजमेंट के अधीनस्थ गवर्नर ने भी बचाव किया। शुक्रवार 9 जून 2023 को 12 पैसे की निकासी के साथ एक डॉलर का निशान 82.46 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
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