विदेशी मुद्रा विक्रेता फिर 600 बिलियन डॉलर डंक के वर्जिन पर, एक साल में सबसे सुप्रीम स्तर
भारत विदेशी मुद्रा भंडार: भारत का विदेशी मुद्रा विक्रेता एक बार फिर 600 बिलियन डॉलर को छुने के लिए संदेश देता है। 12 मई 2023 को खत्म होने वाले सप्ताह में विदेशी मुद्रा विक्रेता 3.55 बिलियन डॉलर की राशि के साथ 599.53 बिलियन डॉलर पर जा रहा है। पिछले दो सप्ताह में प्राधिकरण के विदेशी मुद्रा भंडार में 11.7 अरब डॉलर का उछाल आया है। इससे पहले 5 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा विक्रेता 595.97 अरब डॉलर रहा था।
28 अप्रैल 2023 को विदशी मुद्रा विक्रेता 588.78 बिलियन डॉलर रहा था जो अब 600 अरब डॉलर को छूत पर है। यानी केवल दो दिनों में विदेशी मुद्रा विक्रेता करीब 11.7 अरब डॉलर का मिला है। अलर्ट (भारतीय रिजर्व बैंक) ने जो डेटाबेस जारी किया है, उसके अनुसार एलियन एसेट्स (विदेशी मुद्रा संपत्ति) में 3.5 बिलियन डॉलर की तेजी आई है और ये बढ़ा 529.59 अरब डॉलर पर जा रहा है। सोने के भंडार में भी तेजी आई है और ये 38 मिलियन डॉलर के उछाल के साथ 46.35 बिलियन डॉलर पर जा रहा है। आई जेपीजी में रिजर्व 28 मिलियन डॉलर की कमी आई है और ये 51.64 बिलियन डॉलर रहा है। आपको बता दें कि अक्टूबर 2021 में देश का विदेशी मुद्रा विक्रेता 645 अरब अमेरिकी डॉलर के उच्चतम स्तर पर जा रहा था।
अक्टूबर 2021 के बाद अक्टूबर 2022 तक लगातार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखने को मिली थी। इस डॉलर के दौरान नागर रुपये में भारी कमजोरी देखने को मिली जिसके कारण रुपये को सर्वे देने के लिए मतदाताओं को अपने कोष से डॉलर की बिक्री हुई थी। तब विदेशी मुद्रा बाज़ार घटक 525 बिलियन डॉलर के स्तर पर था। लेकिन विदेशी घटना भारत वापस लौट रहे हैं। विदेशी निवेश में घुमाव और विदेशी मुद्रा निवेश में तेजी के कारण विदेशी मुद्रा विक्रेता तेजी से दिख रहे हैं।
अप्रैल महीने में मॉनिटरी शिकायत की घोषणा करते हुए प्राधिकरण के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि एलियन मुद्रा विक्रेता में धोखा होता है, इससे मैट्रिक इकोनॉमिक स्टैबिलिटी बढ़ती है। शुक्रवार 19 मई को डॉलर के बराबर 5 पैसे के उछाल के साथ 82.66 रुपये के लेवल पर बंद हुआ है।
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