गुदेपाल बोला : मुकदमा लड़ने से आसान लगा जहर निगलना

गांव पकड़िया मल्हपुर निवासी गुदेपाल परिवार के साथ। संवाद
पुवायां। ‘किसी तरह एक एकड़ जमीन खरीदी थी। उसमें से साढ़े तीन बीघा जमीन लोगों ने कब्जा ली। मेरे पास मात्र ढाई बीघा जमीन बची है। जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए तीन महीने से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय अधिकारी मुकदमा करने की सलाह दे रहे हैं। गरीबी के कारण मुकदमे के झंझट में पड़ने की जगह जहर खा लेना मुझे ज्यादा आसान लगा मगर पुलिस ने बचा लिया।””””
शुक्रवार को लखनऊ के गौतमपल्ली इलाके में गोल्फ क्लब चौराहा के पास जहर खाने वाले पुवायां के गांव पकड़िया मल्हपुर के गुदेपाल ने शनिवार को घर पहुंचने के बाद अपनी व्यथा कुछ इस तरह से बयां की। जहर खाने के बाद हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। सूचना मिलने पर पुवायां थाने की पुलिस गुदेपाल की पत्नी देवकुमार को साथ लेकर शुक्रवार को लखनऊ गई थी। गुदेपाल को साथ लेकर पुलिस शनिवार को सीधे गांव पहुंची। गुदेपाल ने बताया कि दबंगों ने उनकी जमीन के साथ ही चारागाह और चकमार्ग पर भी कब्जा कर रखा है, लेकिन राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से उनकी सुनवाई नहीं की जा रही। वह तहसील के तीन माह से चक्कर लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि छोटे जमीन विवाद जल्द निपटाए जाएं, लेकिन अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। वह एक बार डीजीपी कार्यालय भी गए थे। उनको जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन भी मिला था, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
अभी तीन दिन पूर्व वह लखनऊ गए थे। वह मुख्यमंत्री से मिलकर व्यथा बताना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। कुछ पुलिसकर्मियों ने उन्हें फिर से टरका दिया। इस कारण उन्होंने आठ दिसंबर को मजबूरन जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, लेकिन पुलिस ने उनको अस्पताल में भर्ती करा दिया। गुदेपाल के अनुसार, 22 अक्तूबर को पैमाइश के बाद तूदेबंदी की गई थी। बाद में तूदे गिरा दिए गए और फिर से कब्जा कर लिया गया। मुकदमा करने के बारे में गुदेपाल का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोग दबंग और पैसे वाले हैं, वह उनसे नहीं जीत सकते। वह बेहद गरीब और मजदूरी कर गुजर करते हैं। इस कारण वह मुकदमा नहीं कर रहे।
एसडीएम ने अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
एसडीएम संजय कुमार पांडेय ने अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में बताया कि गुदेपाल ने अपनी पत्नी देवकुमारी के नाम दो मार्च 2017 को जमीन खरीदी थी। गुदेपाल जमीन खरीदने के समय जितने रकबे पर काबिज थे, उतने पर आज भी हैं। गुदेपाल ने प्रार्थनापत्र देकर जमीन की पैमाइश की मांग की थी। एक नवंबर को राजस्व और पुलिस टीम पैमाइश के लिए गई तो मौके पर मौजूद पड़ोसी रामविलास आदि ने सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना पैमाइश का विरोध किया था। इस कारण गुदेपाल को बताया गया था कि वह पैमाइश के लिए न्यायालय में वाद दायर करें। गुदेपाल ने मौके पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। प्रधान सहित अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। गुदेपाल जिस चकरोड पर कब्जे की शिकायत कर रहे हैं, वह खाली है। गुदेपाल और दूसरे पक्ष के खिलाफ पुलिस ने मुचलका पाबंद करने की कार्रवाई की है।
इसी गांव के बलजीत भी जहरीले पदार्थ का कर चुके सेवन
जमीन विवाद और चकरोड आदि की पैमाइश को लेकर गांव पकड़िया मल्हपुर निवासी बलजीत सिंह ने भी 21 अक्तूबर को तहसील समाधान दिवस के दौरान पुवायां में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। पुवायां सीएचसी और जिला अस्पताल में इलाज के बाद उनकी हालत सही हो सकी थी। अब फिर से गुदेपाल के जहरीला पदार्थ खाने से राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।