खाला का घर है तो किस बात का डर है: नाराज होकर घर से भागे बच्चे, मौसी के यहां पहुंचे; पढ़ें ये रिपोर्ट

सांकेतिक तस्वीर
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मौसी का ज्यादा लाड़ प्यार बच्चों को बिगाड़ भी सकता है। यह हम नहीं कर रहे, आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। बरेली में बाल कल्याण समिति के समक्ष घर से भागकर आने वाले बच्चों की काउंसलिंग में चौंकाने वाली बात सामने आई है। काउंसलिंग में पता लगा है कि ज्यादातर बच्चे घर से भागकर मौसी (खाला) के यहां पहुंचे हैं। ऐसे कई मामलों के तार मौसी के घर से जुड़े पाए गए हैं।
समिति के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिमाह ऐसे 60-65 मामले सामने आ रहे हैं। इनमें 35-40 मामलों में बच्चे माता-पिता से नाराज होकर घर से भाग रहे हैं। उनके घर नहीं लौटने पर खोजबीन में या पुलिस की जांच में बच्चों को मौसी के घर में पाया गया। बाल कल्याण समिति की सदस्य डॉ. राखी चौहान और मोनिका गुप्ता ने बताया कि बच्चों के घरों से भागने के ज्यादातर मामलों में तार मौसी के घर से जुड़े होते हैं।
इन वजहों से घर से भागते हैं बच्चे
– 70 फीसदी बच्चे गुस्से के कारण छोड़ते हैं घर।
– पसंद के कपड़े न दिलाना।
– दोस्तों से बात करने से रोकना।
– सबके सामने डांटना।
– रिश्तेदारों के बच्चों से तुलना करना।
– बाहर घूमने की ललक।



