पाकिस्तान में कपड़ों को लेकर खाने तक के बांध में बना रिकॉर्ड, 36 फीसदी निशान दर्शित हैं
पाकिस्तान अर्थव्यवस्था संकट: पाकिस्तान में जरूरी चीजों के बांध में लगातार कारण हो रहे हैं। इस वृद्धि के कारण वहां के लोगों का जीवन स्तर नीचे जा रहा है। खाने-पीने के सामानों को लेकर कपड़ों के दामों में लगातार तेजी देखी जा रही है, जिससे पाकिस्तान में रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं और बहुत बढ़ गए हैं। आलम ये हैं कि परिवहन, आवास, भोजन, रेस्तरां और होटल, घरेलू उपकरण, कपडे और जूतों जैसी चीजों के दम तक पहुंच गए हैं।
पाकिस्तान में फायरिंग दर 36.5 प्रतिशत
पाकिस्तान की एक बड़ी रिसर्च कंपनी आरिफ हबीब लिमिटेड की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में पाकिस्तान की मर्जी 36.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जरूरी चीजों के बांध में तेजी के कारण हर साल देखा जाता है। इन बढ़ते आंकड़ों से यह आकलन होता है कि अगले महीने अकेले खाने की मात्रा में ही 5 प्रतिशत कारण हो सकते हैं, जिससे खाने के लिए अभी और समस्या पैदा हो सकती है।
पाकिस्तान में आगे बढ़ रहा है
पाकिस्तान में गड़बड़ी के कारण आम लोगों की बीमारियां नहीं हो रही हैं। खाने-पीने के सभी सामान महंगे हो रहे हैं। वहीं कार्यस्थल उत्पादों में भी तेजी से चल रहा है। हाल ही में रमज़ान के महीने में कपड़ों और जूतों-चप्पल के अभिषेक में भी नज़र आईं हैं। साथ ही होटल और रेस्टोरेंट भी महंगे हो रहे हैं। पाकिस्तान में सभी चीजें लगातार बांधती जा रही हैं, अब जा रहे हैं।
गरीबी रेखा के बढ़ने की आशंका
इस अधिकार का बढ़ना का परिणाम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर निर्भर करता है। इससे पाकिस्तान की जनता की गरीबी रेखा की ओर बढ़ने का अनुमान है। इससे लोगों के घर का खर्च और जीवन स्तर के घटने की आशंकाएं हो रही हैं।
निर्देशांक का क्या प्रभाव पड़ेगा
इन बढ़ते हुए व्यापार का असर उद्योगों पर होगा कि ईंधन के दाम में वृद्धि होगी और टैक्स में भी तेजी आएगी। साथ ही पाकिस्तान सरकार की कोशिश होगी कि उसे अंतरराष्ट्रीय कोष (IMF) से राहत पैकेज मिले, जिससे वह अपने अर्थव्यवस्थी को पटरी पर ला सके।
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