किसान दिवस: डीएम ने कलक्ट्रेट में सुनीं किसानों की समस्याएं
रामपुर। किसान दिवस बुधवार को फीका रहा। जानकारी के अभाव में महज 13 किसान ही मौके पर पहुंचे। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन हुआ जिसमें किसानों की समस्याएं सुनी गईं और उनके समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। उधर,भाकियू के जिलाध्यक्ष ने कहा कि उन्हें सूचना न देने की बात कही है वहीं, दूसरी ओर प्रदेश महासचिव ने किसान दिवस को मात्र रस्म अदायगी करार दिया है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया जहां पर जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण के आदेश दिए। किसानों को बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2023 को मिलेट्स ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। इसको लेकर कृषि विभाग की तरफ से भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। किसान दिवस पर डीएम ने 13 किसानों को रागी के बीज की मिनी किटें प्रदान कीं। जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि विभाग को रागी की 115 मिनी किट प्राप्त हुई हैं। ये इच्छुक किसानों को निशुल्क वितरित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य है कि जनपद में मोटे अनाजों के उत्पादन के लिए रकबे में बढ़ोतरी हो और किसानों को मोटे अनाजों की बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया जाए। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद का कहना है कि किसान दिवस में किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। चंद किसानों को बुलाकर रस्म अदायगी की जा रही है। कहा कि नहरों में पानी नहीं है, किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। बाढ़ नियंत्रण के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। बीते साल भी बाढ़ नियंत्रण के लिए सरकार ने 60 करोड़ रुपये जारी किए थे। अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी तक धान और अन्य फसलों का मुआवजा नहीं मिला। इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी।