समर्पण का नाम ही भगवान : रामचंद्राचार्य

बिसौली के अग्रवाल धर्मशाला में कथावाचन करते जगतगुरु रामचंद्राचार्य।संवाद
बिसौली। कथावाचक रामचंद्राचार्य ने कहा कि समर्पण का नाम ही भगवान है, लेकिन यह समर्पण भी शत प्रतिशत होना चाहिए। कहा कि तिलक लगाने वाले को यमराज के दूत नहीं ले जाते।
अग्रवाल धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में रामचंद्राचार्य ने तिलक की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जिस मस्तक पर तिलक होता है, उसे यमराज के दूत लेने नहीं आते। यमराज भी तिलकधारी को भगवान नारायण का पुत्र मानते हैं। यदि नारायण का कोई पुत्र गलती करता है तो उसे दंड देने का अधिकार सिर्फ नारायण को है। उन्होंने कहा कि प्रभु पर विश्वास ही नहीं अति विश्वास करना चाहिए। पूर्ण समर्पण के बाद प्रभु हर कष्ट दूर कर देते हैँ।



