Moradabad Airport: कभी सपनों ने भरी थी उड़ान, अब हकीकत में उतरेंगे विमान..जनवरी से सेवा शुरू होने की उम्मीद

मुरादाबाद हवाई अड्डा
– फोटो : संवाद
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लोगों ने अपने शहर से हवाई सफर का सपना एक दशक पहले देखा था। तब हमारे पास हवाई पट्टी तो थी लेकिन यहां से लोगों के लिए घरेलू उड़ान की सुविधा संभव नहीं थी। निर्यातकों व व्यापारियों की लगातार मांग के बाद सरकार ने हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में तब्दील करने का फैसला लिया। एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया, जिसे हाल ही में लाइसेंस भी मिल गया है।
अब उम्मीद है कि पहले साल में उड़ान के सपने को पंख लगने वाले हैं। बेशक लोगों ने इसके लिए एक दशक इंतजार किया है लेकिन अब उड़ान शुरू होने के बाद सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी। हवाई अड्डे के बनने से न सिर्फ मूंढापांडे में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं, बल्कि लोगों को आसपास होटल कारोबार का मौका मिला है।
दलपतपुर में ही रेलवे अपना कार्गो टर्मिनल बना रहा है। रिंग रोड भी हवाई अड्डे से सात किलोमीटर की दूरी से होकर जाएगी। इसके अलावा जीरो प्वाइंट के पास लक्ष्मीपुर कट्टई में नई फैक्टरियां लगाने के लिए भी उद्यमियों को मौका दिया जाएगा। यानी हवाई अड्डे के शुरू होने के बाद मुरादाबाद का व्यापारिक दायरा तेजी से बढ़ेगा। हवाई अड्डे से शुरुआती उड़ान 19 सीटर विमान में लखनऊ व कानपुर के लिए होगी।
15 साल पहले सर्किट हाउस में उतारा था हेलीकॉप्टर
शहर के निर्यातक 15 साल पहले विदेशी ग्राहकों को अपने खर्च पर दिल्ली से हेलीकॉप्टर में लाए थे। उन्हें सर्किट हाउस में उतारा गया था। तब इसमें लाखों रुपये खर्च हुए थे। उस समय निर्यातकों ने मांग उठाई थी कि मुरादाबाद के मूंढापांडे स्थित हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जाए।
देर से ही सही, लेकिन मुरादाबाद के लोगों की उम्मीदों को पंख लगने जा रहे हैं। यदि लखनऊ व कानपुर के लिए उड़ान सफल रही तो बहुत जल्द मुंबई व बैंगलुरू के लिए उड़ान शुरू हो सकती है। फिलहाल मुंबई व बैंगलुरू जाने वाले लोग बरेली हवाई अड्डे पर पहुंचते हैं।
मुबंई व बंगलुरू के लिए भी चलें विमान
शहर के निर्यातकों का कहना है कि विमान सेवा मुंबई व बंगलुरू के लिए भी होनी चाहिए। इसके बाद ही मुरादाबाद में हवाई अड्डे की सार्थकता होगी। अभी तमाम लोग व्यापार के लिए मुंबई जाते हैं तो उन्हें बरेली हवाई अड्डे से सेवाएं लेनी पड़ती हैं। वहीं बैंगलुरू की आईटी कंपनियों में यहां के तमाम युवा नौकरी कर रहे हैं।
ऐसे में बैंगलुरू की फ्लाइट शुरू होने से उन युवाओं व उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी। निर्यातक विशाल अग्रवाल, नीरज खन्ना, नजमुल इस्लाम, अवधेश अग्रवाल, हेमंत जुनेजा, पुनीत आर्या, विनय गुलाटी आदि का कहना है कि जो मांग पहले दिल्ली की फ्लाइट के लिए थी, अब वही जरूरत मुंबई व बैंगलुरू के लिए है।
प्रोजेक्ट पर एक नजर
2008 में बनी हवाई पट्टी
2014 में प्रदेश सरकार ने हवाई अड्डा बनाने का लिया निर्णय
21 करोड़ की लागत से 57 हेक्टेयर भूमि पर शुरू हुआ निर्माण
2019 में मिट्टी घोटाले में तीन इंजीनियर निलंबित
2019 में बनकर तैयार हुआ हवाई अड्डा
डीजीसीए ने लगाईं कई आपत्तियां
2020 में कोरोना के कारण रुका आपत्ति निस्तारण का काम
2021 में 12 करोड़ रुपये का बजट बढ़ाया गया
2022 में रनवे पर फिर लगी आपत्ति
2023 में डीजीसीए ने किया निरीक्षण
2023 में जारी हो गया लाइसेंस
हवाई अड्डे पर विमानन सेवाएं देने के लिए निजी कंपनी के अधिकारी दौरा कर चुके हैं। अब जल्द वे ट्रायल करेंगे। शासन की ओर से लोकार्पण होने के बाद फ्लाइट शुरू हो जाएंगी। — संदीप कुमार, एयरपोर्ट डायरेक्टर