ठीक और ठीक प्रदर्शन में कमी के बाद बढ़ने लगी है मस्क कर्ज की उम्मीद
ईएमआई वृद्धि राहत: पिछले चार दिनों में ठीक और ठीक ठीक आंकड़े आए हैं। 18 महीने के निचले स्तर पर 4.70 प्रतिशत कंपोनेंट लगाया गया, जो एक साल पहले 7.79 प्रतिशत था। तो ठीक दर का पात्र 3 साल के निचले स्तर शून्य से नीचे -0.92 प्रतिशत पर आ जाता है। इस गिरावट के बाद उन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिल सकती है जिनके होम लोन के ईएमआई में बताहाशा देखा पड़ाज को एक साल में देखा गया था।
भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 6 से 8 जून 2023 को होगी। और 8 जून को कमिटी के फैसले का एएलएन अधीनस्थ राज्यपाल शक्तिकांत दास करेंगे। और माना जा रहा है कि दस्तावेजों के आंकड़ों में इस बड़ी गिरावट के बाद बैंकर अपनी रेटिंग रेटिंग को जस्स के तस रख सकते हैं। यानी आपकी ईएमआई यहां से और खतरनाक नहीं होगी। इससे पहले अप्रैल में आरबीआई ने रेपो रेट को 6.50 प्रतिशत पर यथावत रखने की घोषणा की थी।
जानकारियों का मानना है कि भले ही जून महीने की मॉनिटरी आरबीआई में आरबीआई रेपो रेट में कोई बदलाव ना करें, लेकिन यहां से जरूरी दस्तावेजों में गिरावट आई है तो अगस्त महीने में आरबीआई अपनी रेटिंग को कम कर सकता है। नोमुरा होल्डिंग्स पहले ही कह चुका है कि अगस्त महीने के बाद से रेपो रेट में 2023 के सटीक तक 75 बेसिसपॉइंट का चयन कर सकता है। यानी रेपो रेट के मौजूदा लेवल को 6.50 फीसदी घटाकर 5.75 फीसदी किया जा सकता है।
हाल ही में प्राधिकरण के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि निशान दर में गिरावट इस ओर इशारा कर रहा है कि मॉनिटरी राइट राइट दिशा में जा रहा है। हालांकि मॉनिटरी प्राधिकरण में आरबीआई के रूख को लेकर उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया। लेकिन अब यह माना जा रहा है कि 2022 में आरबीआई की रेपो रेट बढ़ाने से जिन लोगों की ईएमआई हुई है, उनकी ब्याज दर होने की स्थिति शुरू हो सकती है।
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