ज्ञानवापी में भगवान शिव के होने के साक्षी हैं नंदी : कैलाशानंद गिरि
बरेली। हरिद्वार में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि नंदी का मुंह वहीं होता है, जहां शिवलिंग होता है। ज्ञानवापी में नंदी भगवान शिव के होने के साक्षी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राम मंदिर की तरह ज्ञानवापी भी कोर्ट के माध्यम से जल्द ही सनातनियों को सौंपा जाएगा। त्योहारों की तिथियों को लेकर संशय की स्थिति पर वह अखाड़ों के साधु-संतों के और विद्वानों से वार्ता करेंगे, ताकि एक ही दिन त्योहार मनाए जा सकें।
महामंडलेश्वर शुक्रवार को धर्मकांटा स्थित मंदिर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीराम लला के मंदिर का प्रसाद हर सनातनी के घर भेजा जाएगा। क्योंकि इसके निर्माण में सभी सनातनियों का योगदान है। त्योहारोें को लेकर सभी एकराय होकर तिथि निर्धारण करेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि सभी सनातनी त्योहार एक ही तिथि पर एकसाथ पूरे देश में मनाए जाएं।
महामंडलेश्वर ने कहा कि 21वीं सदी युवाओं की है। वह भारत का बल, प्रभुता व अस्तित्व भी हैं। युवाओं को धर्म शास्त्र लगातार पढ़ने की जरूरत है। वह माता-पिता, गुरु व राष्ट्र के प्रति समर्पित रहें। नशा व पश्चिमी संस्कृति से दूर रहें। सभी नशीले पदार्थों पर चेतावनी लिखी होती है, लेकिन फिर भी उसे बुद्धिमान लोग ही खाते हैं। ऐसे उत्पादों पर रोक लगनी चाहिए।



