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ईडी के खाते पर बायजू की सफाई, कर्मचारियों से कहा- हेराफेरी नहीं है

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ईडी ने बायजू की तलाशी ली: एडुटेक आक्रामक बायजू (बायजू) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद अगले दिन अपनी ओर से सफाई पेश की है। यूनिकॉर्न कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्रन बायजू (रवींद्रन बायजू) ने रविवार को इसे लेकर कर्मचारियों को संदेश चिट्ठी लिखी है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी की ओर से कोई हेराफेरी या किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।

रवींद्रन ने बताई इन पुरानी बातों को

रवींद्रन का कहना है कि ईडी की ताजी कार्रवाई फेमा के तहत इंक्वायरी है। जो कुछ विवरण दिए गए हैं, वे पहले ही प्रतिनिधियों के द्वारा जमा किए गए थे। बैजू के सीईओ ने कहा कि कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान देश से कई अधिग्रहण किए हैं, जो आगे बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है। इन तीनों ने कंपनी की पहुंच और प्रभाव के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। इन अजीबोगरीब परिस्थितियों के लिए हमने कुछ फंड देशों से बाहर भेजे।

रवींद्रन के परिसरों की घाटी में हुई थी

आपको बता दें कि ईडी ने एक दिन पहले यानी शनिवार को बयान जारी कर बताया था कि उसने बायजू के तीन आधारों की तलाशी ली है। एजेंसी को इस कार्रवाई के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और संदेहास्पद डेटा मिले हैं। ये तलाशी अभियान कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्रन बायजू के बेंगलुरु स्थित कार्यालय और निवास स्थान पर चले गए थे।

ईडी को इनमे पर हो सकता है

जांच एजेंसी ने बयानों में बताया था कि रवींद्रन बायजू को कई समन भेजे गए, लेकिन वह कभी ईडी के खास पेश नहीं हुए। तलाशी के दौरान पाया गया कि रवींद्रन बायजू की कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड को 2011 से 2023 के दौरान डायरेक्ट एलियन निवेश (एफ डीमैट) के तहत करीब 28,000 करोड़ रुपये मिले। कंपनी ने भी इस अवधि के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नाम पर करीब 9,754 करोड़ रुपये देश के बाहर भेजे। कंपनी ने विज्ञापन और मार्केटिंग के नाम पर लगभग 944 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया है, जिसमें देश से बाहर की गई राशि भी शामिल है। एजेंसी को लगता है कि इन जानकारियों में कंपनी कुछ धोखेबाजों की है।

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कर्मचारियों के सीईओ ने किया गठजोड़

वहीं बेंगलुरू आधारित आक्रामक बायजू ने कल कहा था कि ईडी की कार्रवाई नियमित जांच है और कंपनी ने एजेंसी के साथ पूरे आयाम बरती है। कंपनी ने सभी पुरानी जानकारियां उपलब्ध करा दी हैं। रवींद्रन ने संदेशा पत्र में भी इन बातों को दोहराया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने उन सभी विदेशी विनिमय कानूनों का पालन करने का भरसक प्रयास किया है, जो लागू होते हैं। उन्होंने कर्मचारियों को ये क्षति भी पहुंचाई कि वे प्राधिकरणों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।

रवींद्रन को इस बात की गारंटी है

रवींद्रन ने कहा कि उनकी कंपनी को 70 से ज्यादा निवेशकों ने फंड दिया है। सभी लोगों ने बायजू के कार्य को लेकर अपनी तरफ से पूरी जांच-पड़ताल की है और वे फैसले ले रहे हैं। रवींद्रन ने गारंटी दी कि प्राधिकरण भी उसी निष्कर्ष पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा, मैं कहूंगा कि ताजी खबरों से चिंता हुई होगी, लेकिन जुड़ता हूं कि हम अपने छात्रों व अपने दृष्टिकोण की सूची पर नजर रख रहे हैं।

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