यूना में कभी ये देश था अव्वल, भारत ने कुछ ही वर्षों में दी बड़ी शिष्ट
ऑनलाइन भुगतान: यू साइंस से लुका के मामले में भारत दुनिया में टॉप पर पहुंच गया है। इंडिया डिजिटल बॉन्ड्स एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आपने देखा है, एपी और क्रेडिट कार्ड, 149.5 रुपये के लिए 149.92 बकाया है। रिपोर्ट के अनुसार यू-विरासना से 74.05 अरब से अधिक ट्रांज़ैक्शन ट्रैक्शन और 126 अक्षर रुपये से बहुत अधिक का आरोप लगाया गया है।
साल 2022 के डाटाबेस के मुताबिक 2021 की तुलना में 91 प्रतिशत और कीमत में 76 प्रतिशत की वजह से आवंटन हुआ है। वहीं रिपोर्ट है कि भारत आने वाले वर्षों में भी डिजिटल कनेक्शन में रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। वहीं पहले भी एक ऐसा देश था, जो भारत से ज्यादा डिजिटल अधिकार रखता था।
भारत से पहले कौन सा देश अव्वल था
डिजिटल संबंध के मामले में चीन दुनिया में कभी नंबर वन पर था। चीन का डिजिटल अधिकार 2010 में सभी देशों पर हावी था और इसका डिजिटल ट्रांजेक्शन 1119 मिलियन था। दूसरे नंबर पर भारत था, जिसका 370 करोड़ का ट्रांजिशन एक्शन था। वहीं तीसरे नंबर पर अमेरिका था, जिसका डिजिटल ट्रांजेक्शन 153 मिलियन था।
कैसे भारत डिजिटल मालिकाना हक के मामले में बना नंबर वन
2010 के बाद से ही भारत डिजिटल स्वामित्व के मामले में तेजी से जा रहा था। हालांकि सबसे यादगार 2014 के आने के बाद हुआ है। चीन का ग्राफ गिरने के साथ ही भारत 2023 में आता है डिजिटल आवंटन ट्रांजेक्शन प्रोटेक्शन के मामले में 61 हजार मिलियन के स्तर को भी पार कर गया है। वहीं चीन का डिजिटल ट्रांजेक्शन मात्रा 22 हजार से ज्यादा है। अभी भी तीसरे नंबर पर अमेरिका है, जिसका डिजिटल ट्रांजेक्शन 4761 से ज्यादा है।
भारत के इस देश में सबसे ज्यादा डिजिटल लुक
बैंगलोर वर्ष 2022 में सुप्रीम डिजिटल फोकस के मामले में भारतीय शहरों की सूची में सबसे ऊपर है। सिटी ने 2022 में 6500 करोड़ रुपये के 29 मिलियन का चूना लगाया। वहीं दूसरे नंबर पर दिल्ली में 5000 करोड़ रुपये के 19.6 लाख रुपये हुए और उसके बाद मुंबई में 4950 करोड़ रुपये के 18.7 करोड़ रुपये हुए।
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