Shahjahanpur News: नाम के पंचायत घर, सुविधाओं पर पड़ा ताला

मिर्जापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेरपुर कुररिया का पंचायत घर में पड़ा ताला। संवाद
गांव में ही ग्रामीणों को विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाने की मिलनी थी सुविधा, पर कस्बे के चक्कर लगा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। ग्रामीणों को मुख्यालय और ब्लॉक के चक्कर न लगाने पड़े, इसलिए गांव में ही पंचायत घर के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्रों के आवेदन के साथ ही अन्य सहूलियत देने की सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। लाखों रुपये खर्च कर बने पंचायत घर का कोई खास लाभ जनता को नहीं मिल रहा। ग्रामीणों को ब्लॉक या मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत घर का निर्माण कराने का निर्णय किया था। जिले में कुल 1069 ग्राम पंचायत हैं। इसमें पहले से 200 ग्राम पंचायतों में बहुउद्देशीय भवन बने हुए थे। इनको पंचायत भवन बना दिया गया। बाकी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाने का निर्णय किया गया।
एक पंचायत भवन का बजट 17 लाख 46 हजार रुपये तय किया गया। इसमें आधी रकम मनरेगा और आधी रकम ग्राम निधि से देना थी। ग्राम पंचायत में ही ग्राम सभा की जगह को चिह्नित किया गया। अब तक 750 ग्राम पंचायतों में नए भवन बन गए हैं। जो पुराने बहुउद्देशीय भवन थे, वे जर्जर हो चुके हैं। करीब 19 ग्राम पंचायतों में किन्हीं विवादों की वजह से पंचायत भवन नहीं बन पाए हैं।
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पंचायत भवन में सामान और फर्नीचर के लिए 1.50 लाख रुपये
पंचायत भवन में एक कंप्यूटर, एक प्रिंटर, फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरे, नेट कनेक्शन, पंखा, बिजली का कनेक्शन, स्टेशनरी आदि की व्यवस्था के लिए डेढ़ लाख रुपये का बजट रखा गया। पंचायत भवन में काम करने के लिए छह हजार प्रतिमाह के वेतन पर पंचायत सहायक की नियुक्ति की गई। इसके साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव की रोस्टर के हिसाब से बैठने की जिम्मेदारी है। ग्राम प्रधान पर पंचायत घर के रखरखाव की जिम्मेदारी है।
ग्राम पंचायत भवन में होने वाले काम
जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, शौचालय का सर्वे, बैंक खाते से रुपये निकालने, संबंधित ग्राम पंचायत का पूरा डाटा रखना, उच्चाधिकारियों को पंचायत संबंधित रिपोर्ट देना आदि काम हैं। प्रमाण पत्रों को बनाने की सरकारी फीस मात्र 30 रुपये रखी गई है।
ये है पंचायतघरों का हाल
शेरपुर कुररिया पंचायत में पड़ा ताला
मिर्जापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेरपुर कुररिया के पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत घर के निर्माण की संपूर्ण धनराशि आहरित हो चुकी है। फिर भी पंचायत घर की चहारदीवारी और शौचालय का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। पंचायत घर का कंप्यूटर, फर्नीचर आदि सब प्रधान के घर पर रखा है। ग्रामीण मजबूरी में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड बाजार में जन सेवा केंद्र से बनवा रहे हैं। पंचायत घर के सामने गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
पड़ैचा के पंचायतघर में पड़ा रहता है ताला
कांट विकासखंड के पड़ैचा गांव का पंचायत घर मनमर्जी से खुलता और बंद होता है। पंचायत भवन के अंदर कपड़े सूखते रहते हैं। इसके साथ किसानों की जुताई में ट्रैक्टर के साथ प्रयोग होने वाले कल्टीवेटर पंचायत घर के अंदर खड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पंचायत घर आए दिन बंद रहता है। इसकी वजह से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्याें के लिए भटकना पड़ता है। पंचायत सहायक और सचिव का जब मन होता है तब आते हैं। पंचायत घर में वर्तमान में पाइप लाइन डालने वाले मजदूर रह रहे हैं। पंचायतघर पर अब तक नाम भी नहीं लिखवाया गया है। ग्राम प्रधान राजेंद्र ने बताया कि बारिश की वजह से पंचायत घर का नाम नहीं लिख सका है। ग्राम सचिव ब्लॉक कांट सुरभि ने बताया कि चार दिन पहले पंचायत भवन ने मजदूरों को हटाने के लिए लिखकर दिया है। ग्राम निधि के पास अभी पंचायत घर पर नाम लिखाने के लिए बजट नहीं है।
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मकरंदपुर पंचायत घर का काम अधूरा
जैतीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मकरंदपुर के पंचायत घर का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। पंचायत सहायक की नियुक्ति हो गई है, लेकिन वह कभी पंचायत घर में नहीं आता है। पंचायत घर जून माह में तैयार हो जाना चाहिए था। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए पंचायत घर का काम धीमी गति से हो रहा है।
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ग्राम निधि और मनरेगा के बजट से पंचायत घरों का निर्माण हो रहा है। कई जगह पर बजट की दिक्कत आ रही है। जो पंचायत घर बन गए हैं, वहां अगर काम नहीं हो रहा है तो उसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– घनश्याम सागर, डीपीआरओ

मिर्जापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेरपुर कुररिया का पंचायत घर में पड़ा ताला। संवाद

मिर्जापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेरपुर कुररिया का पंचायत घर में पड़ा ताला। संवाद