Pilibhit News: लूट, फायरिंग, मारपीट के मामले में वीएम सिंह समेत दोनों पक्षों के 85 लोग दोष मुक्त
पीलीभीत। हजारा थाने में 13 वर्ष पहले दो पक्षों की ओर से दर्ज हुए मारपीट, लूट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने के मुकदमे में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश छांगुर राम ने किसान नेता वीएम सिंह सहित सभी 85 लोगों को दोषमुक्त करार दिया है।
पहले पक्ष के मधु मंगल ने तीन अप्रैल 2010 को हजारा थाने में तहरीर देकर कहा था कि वह चंदिया हजारा के निवासी है। कांग्रेस नेता वीएम सिंह करीब दो माह पूर्व उनके गांव में आए थे। बीएम सिंह ने उन्हें धमकी दी थी कि जिस जमीन पर फसल बो रखी है, उसे खाली कर दो। पार्टी से जुड़ जाओ और चंदा दो नहीं तो सभी को पिटवाएंगे। इस धमकी से वह डर गए।
इसके बाद तीन अप्रैल 2010 को सुबह करीब आठ बजे बीडीसी सदस्य नगीना राम के परिवार पर सुशांत, अनिल आदि ने हमला कर दिया। उसके बाद आरोपी उसकी फसल उजाड़ने लगे। विरोध किया तो आरोपियों ने सभी के साथ मारपीट की। कहा कि फसल उजाड़ कर वहां मंच बनाया जाएगा। सुशांत सहित अन्य आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की। घर में रखे 10 हजार रुपये लूट लिए। अनिल ने चाकू से गांव के विजय पर हमला कर दिया। सुशील ने विजय पर डंडों से वार किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुशांत, अनिल छब्बू, विमल, कोमिल आदि 31 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
दूसरे पक्ष के सुशांत मंडल ने तहरीर देकर बताया कि आम सभा की तैयारी के लिए टेंट लगा रहे थे। तभी लगभग चार दर्जन हमलावर पंडाल उखाड़ ले गए। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी, डंडा, कांता से मारपीट कर बेहाल कर दिया। इसमें मनोरंजन सहित नीलकंठ, सुशील, मनोज, प्रेमचंद, सुभाष, आनंद, मनसुतो राज, कोकिल आबिदा पत्नी आस मोहम्मद, लक्ष्मी आदि को चोटें आईं। हमलावरों ने टेंट लूटने के बाद फायरिंग करते हुए कई घरों लूटपाट की।
पुलिस ने देवाशीष, राम भरोसे, मंजूर अली, प्रहलाद रूपचन्द, रमेश, जयदेव निरवसा, उमेश, शम्भू, रामकुमार राम पदारथ, आनन्द आदि 54 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रवालियों का अवलोकन करते हुए सभी को दोष मुक्त कर दिया। दोषमुक्त में दोनों पक्षों के दो-दो लोगों की मौत हो चुकी हैं। बीएम सिंह की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता सैयद मोहम्मद उरूज ने की।

