Pilibhit News: श्रीमद्भागवत कथा सुनना, सुनाना दोनों ही मुक्तिदायक
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 08 Jul 2023 11:41 PM IST
बिलसंडा। नगर के सत्संग भवन में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। वृंदावन से आए कथा व्यास जतिन शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना और सुनाना दोनों ही मुक्तिदायक हैं। यह आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाती है। भागवत पुराण को मुक्ति ग्रंथ कहा गया है।
उन्होंने कहा कि पितरों की शांति के लिए इसे हर किसी को सुनना चाहिए। रोग-शोक, पारिवारिक अशांति दूर करने, आर्थिक समृद्धि तथा खुशहाली के लिए भी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण फलदायी होता है। श्रीमद्भागवत जीवन चक्र से जुड़े प्राणियों को उनकी वास्तविक पहचान करती है। सांसारिक दुख, लोभ, मोह जैसी भावनाओं के बंधन से मुक्त करते हुए ईश्वर तथा उसी का एक अंश आत्मा से साक्षात्कार कराती है।
जतिन शास्त्री ने कहा कि सत्संग के बिना विवेक उत्पन्न नहीं हो सकता और बिना सौभाग्य के सत्संग सुलभ नहीं हो सकता। इस संसार में जो भगवान का भजन न कर सके, वह सबसे बड़ा भाग्यहीन है। भगवान इस धरती पर बार-बार इसलिए आते हैं ताकि हम कलयुग में उनकी कथाओं का आनंद ले सकें और कथाओं के माध्यम से अपना चित्त शुद्ध कर सकें।